Filmy Love And Lover: टीवी स्क्रीन का वह दीवाना आशिक एक स्टॉकर है

Filmy Love And Lover: टीवी स्क्रीन का वह दीवाना आशिक एक स्टॉकर है Filmy Love And Lover: टीवी स्क्रीन का वह दीवाना आशिक एक स्टॉकर है

Sanjana

25 Jul 2022

बॉलीवुड हिंदी फिल्मों और वेब सीरीज में प्यार की एक अलग ही परिभाषा दी जाती थी। लड़का लड़की के प्यार में पागल होकर उसके पीछे पीछे जाना, उसके करीब आने वाले लोगों को पीटना और जबरदस्ती उसे अपना प्यार स्वीकार करने के लिए मजबूर करना। क्या यह सच में प्यार है? तो फिर स्टॉकिंग क्या होती है?

प्यार नहीं यह स्टॉकिंग है

स्टॉकिंग का मतलब होता है किसी पर एक तरीके से अपना प्यार और अपने अटेंशन थोपना। स्टॉकिंग फिजिकल हो या साइबर, यह एक कानूनन अपराध है। लोग लडकी को स्टॉक करते हैं, उसे अपना प्यार स्वीकार करवाने के लिए मजबूर करते हैं। लेकिन जब वह रिजेक्ट हो जाते हैं तो गुस्से और नफरत में एसिड अटैक, किलिंग और रेप जैसे अपराध करते हैं।

शुरू शुरू में आपको यह देखकर हसी आ सकती है लेकिन यह उतना हास्यास्पद भी नहीं। अधिकतर अपराधों और अत्याचारों का शिकार महिलाएं ही बनती हैं। लेकिन हमारा समाज तो हर दोष का दोषी लड़की को ही ठहराता है। विश्वास नही होता कि अपने ही समाज की बेटियों को इन अपराधों का शिकार बनने पर दोषी ठहराया जाता है। 

अपने तर्क में वे उनके कभी छोटे कपड़ों तो कभी रात के समय उनके बाहर निकलने को उनकी गलती बताते हैं।

सिनेमा को अपने द्वारा दिए जा रही मैसेज के बारे में सचेत रहना चाहिए

हिंदी सिनेमा के द्वारा प्यार को इसी तरह व्यक्त किया जाता है। वह दिखाते है कि असली प्यार वही है जिसमें एक लड़का लड़की को भूल ही ना पाए और जब तक उस लड़की को हासिल ना कर ले तब तक चैन न ले। उस लड़की को हासिल करने के लिए वह उसका शोषण करेगा, उसे manipulate करेगा, उसका पीछा करेगा और उस पर हर वक्त नजर रखेगा। 

हर वक्त लड़की की सुरक्षा के नाम पर उसके आस पास रहना, उस पर नजर रखना और उसके फैसलों को कंट्रोल करना प्यार नहीं स्टॉकिंग हैं। लेकिन हिंदी फिल्मों में इसी को असली सच्चा प्यार कहा जाता है। लोग असल जिंदगी में इससे भ्रमित हो जाते हैं। उन्हें लगता है कि यह सब करना उनका प्यार का सबूत है लेकिन आखिर में वह केवल इसके भयानक नतीजों के विक्टिम बन कर रह जाते हैं। 

मुझे इस बात की खुशी है कि अब सिनेमा और सिनेमा में दिखाए जाने वाले माइंडसेट बदल रहे हैं। यहां तक कि वह अब लोगों को इन चीजों में फर्क समझाने की कोशिश भी करता है। लेकिन फिर भी हमे सचेत रहना चाहिए और स्टॉकिंग को प्यार समझ बैठने की गलती नही करनी चाहिए।

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