लगभग सभी महिलाओं ने सेक्स के बाद कभी न कभी वजाइनल ब्लीडिंग एक्सपीरियंस किया है। शोध बताते हैं की मेनोपॉज़ के बाद करीब 63 प्रतिशत महिलाएं सेक्स के बाद वजाइनल ब्लीडिंग से गुज़रती हैं। थोड़ी बहुत वजाइनल ब्लीडिंग से आपको ज़्यादा खतरा नहीं है लेकिन अगर आपको ये बहुत फ्रीक्वेंट हो तो आप डॉक्टर से ज़रूर सलाह ले सकती हैं। वजाइनल ब्लीडिंग के कई कारण हो सकते हैं। जानिए ऐसे 5 कारण:

1. इन्फेक्शन्स

ऐसे कई तरह के इन्फेक्शन होते हैं जिससे आपके वजाइना के टिशूज में इंफ्लमैशन हो जाता है। ये इंफ्लमैशन आपके वजाइना में ब्लीडिंग कर सकता है। ऐसे कुछ इन्फेक्शन्स हैं पेल्विक इन्फ्लैमटॉरी डिजीज, सेक्सुअली ट्रांसमिटेड इन्फेक्शन, सर्विसिटिस और वजायनिटिस। इसलिए हमेशा सेक्स के दौरान प्रोटेक्शन का यूज़ करें।

2. वजाइनल ड्राईनेस

कई बार वजाइना की ड्राईनेस के वजह से भी आप सेक्स के बाद वजाइनल ब्लीडिंग एक्सपीरियंस कर सकती हैं। वजाइना की ड्राईनेस ज़्यादातर मेनोपॉज़ के वजह से ही होती है। इसके अलावा अगर आप ब्रेस्टफीड करवा रही हैं, कीमोथेरेपी करवा चुकी हैं, बिना स्टिमुलेशन के इंटरकोर्स कर रही हैं या फिर केमिकल वाले हाइजीन प्रोडक्ट्स यूज़ कर रही हैं तो आपको वजाइना में ड्राईनेस हो सकती है।

3. कैंसर

इर्रेगुलर वजाइनल ब्लीडिंग और वो भी विशेष कर सेक्स के बाद कैंसर के लक्षण हो सकते हैं। ऐसे में आपको सर्वाइकल कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। अगर आपको वजाइनल ब्लीडिंग मेनोपॉज़ के बाद हो रही है तो इसका मतलब आपको यूटेराइन कैंसर भी हो सकता है।

4. वजाइनल टेयरींग

जब आप बहुत वीगोरस सेक्स करते हैं तो आपकी वजाइना में छोटे-मोटे कट्स और स्क्रैप्स हो ही सकते हैं। ये वजाइनल टेयरींग मेनोपॉज़ के बाद ज़्यादा होती है क्योंकि आपकी वजाइना तब ज़्यादा ड्राई रहती है। इसलिए कोशिश करें की आओ ज़्यादा वीगोरस सेक्स ना करें।

5. गेनिटोयूरिनरी सिंड्रोम ऑफ़ मेनोपॉज़

ये कंडीशन मेनोपॉज़ और ओवरीज़ हटवा चुकी महिलाओं में ज़्यादा पाया जाता है। ये सिंड्रोम आपकी उम्र के साथ ज़्यादा बढ़ता जाता है। इसका डायरेक्ट लिंक आपके एस्ट्रोजन लेवल्स से रहता है इसलिए वक़्त के साथ आपको गेनिटोयूरिनरी सिंड्रोम ज़्यादा फील होता है।

ये सार्वजनिक रूप से एकत्रित जानकारी है। यदि आपको कोई विशिष्ट सलाह की ज़रूरत है तो आप डॉक्टर से परामर्श लें।

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