केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय” ब्लैक फंगस ” – केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय सभी राज्य को कहा है कि नेशनल गाइडलाइन्स के तहत सभी आवश्यक मदद देंगे। ये नेशनल गाइडलाइन्स फॉर प्रिवेंशन एंड कण्ट्रोल इन हेल्थकेयर के तहत दी जाएगी।

भारत में हाल में ही ब्लैक फंगस के केस बढ़ने लगे हैं और इसके लिए सभी जगह सरकार द्वारा इसको रोकने के कण्ट्रोल करने की तैयारी की जा रही है। सभी राज्यों को भी यही सलाह दी जा रही है कि अपनी अपनी तैयारियों में लग जाएं।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने ” ब्लैक फंगस ” को लेकर क्या सुझाव दिए ?

1. स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि 1 % सोडियम और 70 % अल्कोहल वाले डिसइंफेक्टेंट से ही सब जगह सेनिटाइज़ किए जाएं और स्वछता का खास ख्याल रखा जाए।

2. खान पान का विशेष ध्या रखा जाए एक डुमसाफ पानी और खाना ही अस्पतालों में दिया जाए। ताकि साफ़ सफाई से जुड़ीं बीमारियां कम हो सकें।

3. बायोमेडिकल वेस्ट को अच्छे तरीके से फेका जाए और इक्खट्ठा न किया जाए।

4. अस्पताल में काम करने वाले मेडिकल स्टाफ , डॉक्टर्स और कार्यकर्ताओं की सुरक्षा का ध्यान रखा जाए वो हमारे लिए बहुत ज़रूरी हैं।

5. जिन मरीजों का ब्लैक फंगस का इलाज चल रहा है उनका गाइडलाइन्स के तहत ही इलाज किया जाए और पहले से ही सभी व्यवस्थाएं की जाएं।

ब्लैक फंगस के लिए 3 सबसे जरुरी बातें क्या हैं ?

1. ब्लैक फंगस से बचने के लिए सबसे जरुरी होता है कि आप अपने शुगर को समय समय पर नापते रहें।

2. जो स्टेरॉइड्स पर हैं वो अपने शुगर लेवल को लेकर बहुत ज्यादा ध्यान रखें और डोज़ का भी ध्यान दें।

3. जब भी आप स्टेरॉइड्स ले रहे हैं तब ध्यान रखें कि आप कितनी मात्रा में ले रहे हैं ।

कोरोना के वक़्त ब्लैक फंगस किस को हो रहा है ?

मुकरमाइकोसिस यानि कि ब्लैक फंगस उन लोगों में ज्यादा देखा गया है जो कि कोरोना कि रिकवरी स्टेज पर हैं। डॉक्टर्स का कहना है कि कोरोना की दूसरी लहर में स्टेरॉइड्स का ज्यादा इस्तेमाल किया गया है। इसके कारण पेशेंट में शुगर का लेवल बड़ा है और ब्लैक फंगस के मामले ज्यादा सामने आए हैं।

ब्लैक फंगस के सिम्पटम्स क्या हैं ?

1. खून की उलटी होना

2. चेस्ट में दर्द होना

3. धुंदला और साफ़ न दिखना

4. नाक का रंग बदलना या काला होना

Email us at connect@shethepeople.tv