कोरोनावायरस सिर्फ बड़ों के तनाव का कारण नहीं बल्कि बच्चों के तनाव का कारण भी बन गया है। बच्चों का स्कूल जाना, बाहर खेलना कूदना, मस्ती करना यह सारी चीजें महामारी के कारण बंद हो गई हैं। इसका सीधा असर उनके मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ रहा है और उनके मूड को भी चिड़चिड़ा बना रहा है। इसीलिए उनके मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना जरूरी है। इसी छोटी उम्र में बच्चों के अंदर नई चीजों को जानने की देखने की एक्सप्लोर करने की जिज्ञासा जागती हैं। लेकिन इस महामारी के कारण बच्चे घर में बंद होकर रह गए हैं। यह भी एक कारण है कि फ़ोन की ओर उनका ध्यान ज्यादा जा रहा है इससे उनकी आंखों पर भी असर पड़ रहा हैं।

1. बच्चों के साथ खेलें

छोटे बच्चों को खेलना कूदना बहुत पसंद होता है। लेकिन घर में रहने के कारण वह अपने दोस्तों के साथ खेलकूद नहीं पा रहें हैं। साथ ही घर में रहने के कारण वह आलसी भी होते जा रहें हैं। इसीलिए जरूरी है कि हम समय निकालकर उनके साथ गार्डन में क्रिकेट, बैडमिंटन, छोटी मोटी आउटडोर गेम खेलें। इससे उनका और आपका दोनों का माइंड फ्रेश होगा और वह तंदुरुस्त भी रहेंगे।

2. फ़ोन का कम उपयोग करने दें

महामारी के कारण फिलहाल सारी पढ़ाई फोन से ही हो रहीं हैं। जिसकी वजह से उनकी आंखों पर दबाव पड़ रहा है और साथ ही मस्तिष्क पर भी। इस कारण कई बच्चों को फ़ोन की लत भी लग चुकी है। इसीलिए कोशिश करें कि वह फ़ोन का उपयोग ज्यादा ना करें। जब वह खाना खा रहें हो तब तो उन्हें फ़ोन बिल्कुल ना दें क्योंकि उनका पूरा ध्यान फ़ोन पर लगा रहता है।

3. नई-नई चीजें बताएं

छोटे बच्चों के अंदर नई चीजों को जानने कि जिज्ञासा रहती है। उन्हें जिस चीज में रुचि है उस विषय से जुड़ी नई बातें बताएं। जैसे कि कुछ बच्चों को स्पेस, रोबोट या कार, ट्रेन और आदि में रूचि होती है तो उसी विषय से जुड़े तथ्य बताएं। इससे उन्हें सुनने में दिलचस्पी आएगी और उनका ज्ञान भी बढ़ेगा।

4. स्टोरी बुक्स

उन्हें मनपसंद स्टोरी बुक्स पढ़ने के लिए दें। इससे वह व्यस्त रहेंगे और उनकी पढ़ने में भी रूचि बढ़ेगी। इसके अलावा फ़ोन की ओर भी कम ध्यान जाएगा।

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