Keretin Treatment: केराटिन ट्रीटमेंट के समय इन बातों का ध्यान रखें

Keretin Treatment: केराटिन ट्रीटमेंट के समय इन बातों का ध्यान रखें Keretin Treatment: केराटिन ट्रीटमेंट के समय इन बातों का ध्यान रखें

Vaishali Garg

15 Sep 2022

Keretin Treatment: केराटिन ट्रीटमेंट तो सब करवाते है पर बहुत कम ऐसे  लोग हैं। जो इसकी अच्छे से देखभाल कर पाते हैं और इसका सही एप्लीकेशन जानते हैं। आजकल केराटिन ट्रीटमेंट बहुत ज़्यादा फ़ेमस है। जब भी आप पार्लर अपने बालों की ट्रीटमेंट के लिए जाते हैं तो वहाँ आपको केराटिन ट्रीटमेंट की सलाह दी जाती है। इस ट्रीटमेंट की सफलता इसके सही इस्तेमाल पर निर्भर करती है। आज हम आप को बताएँगे कि केराटिन ट्रीटमेंट के समय किन- किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

Keretin Treatment: क्या है केराटिन ट्रीटमेंट?

पहले जानते है केराटिन ट्रीटमेंट के बारे में
हमारे बालों मे मौजूद नेचुरल प्रोटीन को केराटिन कहते हैं जिससे हमारे बालों में चमक बनी  रहती है। रोज़ की भागदौड़, धूप, मिट्टी और पसीने आदि से हमारे बालों का प्रोटीन ख़त्म होने लगता है और हमारे बाल डैमिज और ड्राई हो जाते हैं। बालों की खोई हुई चमक पाने के लिए बालों में आर्टिफ़िशल प्रोटीन डाला जाता है ताकि आपके बाल फिर से शाइन करें इसी को हाई केराटिन ट्रीटमेंट बोलते हैं।

Keretin Treatment: किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए 


  1. ट्रीटमेंट के 72 घंटों तक अपने बालों को धोना नही चाहिए। ट्रीटमेंट के बाद जब बालों को वॉश करें तो गरम पानी और कोई भी केमिकल प्रोडक्ट ना यूज़ करें।
  2. अगर आप अपने केराटिन ट्रीटमेंट को लंबे समय के लिए बरकरार रखना चाहते हैं तो आप बालों में सल्फ़ेट से मुक्त शैम्पू और कंडिशनर को यूज़ करें।
  3. ट्रीटमेंट के 3 दिनों तक बाल खुले रखने चाहिए इनको क्लिप वग़ेरा से बांधना नहीं चाहिए।
  4. ट्रीटमेंट के बाद ज़्यादातर सिल्क पिलो का उपयोग करना चाहिए।

Keretin Treatment: कौन सा केराटिन ट्रीटमेंट नहीं उपयोग करना चाहिए

जिन ट्रीटमेंट में फ़ॉर्मैल्डेहायड होता है वे ट्रीटमेंट आपके हेयर्स का नुक़सान कर सकतें है इसलिए बिना फ़ॉर्मैल्डेहायड के ही ट्रीटमेंट करवाएं। जिन शैम्पूज़ में पीएच ज़्यादा हो वो शैम्पू इस्तेमाल ना करें इससे आपका  ट्रीटमेंट का जल्दी ख़राब हो जाएगा आपके बालों की शाइन भी चली जाएगी।

एक अच्छे सलोनिस्ट की भी ज़िम्मेदारी बनती है कि वे आपके साथ इसके बारे में खुलकर बात करे। आपको इसके यूज़, ऐप्लिकेशन, के बारे में खुलकर बताए। आपको इसके नुक़सान और फ़ायदे भी बताए। आपके मन में इसके लिए कोई सवाल ना रहे।

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