Marital Rape : आपको पता होनी चाहिए मैरिटल रेप के बारे में यह बातें

Marital Rape : आपको पता होनी चाहिए मैरिटल रेप के बारे में यह बातें Marital Rape : आपको पता होनी चाहिए मैरिटल रेप के बारे में यह बातें

Vaishali Garg

30 Jul 2022

Marital Rape - रेप या मैरिटल रेप एक बहुत ही सीरियस क्राइम है, महिलाओं के अगेंस्ट। आसान शब्दों में समझा जाए तो मैरिटल रेप वह है जो हसबैंड अपनी वाइफ के साथ करते हैं। यदि किसी हस्बैंड वाइफ के रिश्ते में वाइफ का मन नहीं है सेक्सुअल संबंध बनाने का तो हस्बैंड उसको फोर्स नहीं कर सकता है और वह उसको फोर्स करके उसके साथ सेक्सुअल संबंध बनाता है या बनाने की कोशिश करता है तो वह मैरिटल रेप कहलाता है।

क्या पति पत्नी का रेप कर सकता है?

नहीं! कोई भी व्यक्ति किसी भी महिला या लड़की के साथ जबरदस्ती नहीं कर सकता है फिर चाहे वह उसका पति ही क्यों ना हो रेप मतलब रेप, चाहे वह किसी के द्वारा भी किया जाए। लेकीन कितनी अजीब बात है ना कि भारत जैसे देश में जहां महिलाओं की पूजा की जाती है, वहां पर रेप जैसे क्राइम के लिए तो सीरियस दंड है आईपीसी में किंतु जब बात मैरिटल रेप कि आती है तो हमारे देश में उनके लिए उनके लिए कोई दंड नहीं है।

यूनाइटेड नेशन की एक रिपोर्ट में बताया गया कि जिन 104 देशों में मैरिटल रेप को अपराध घोषित किया गया, उनमें से सिर्फ 34 देशों ने इसे अलग अपराध माना है।

भारत में मैरिटल रेप की स्थिति

ऐसा माना जाता है कि भारत में मैरिटल रेप के लिए अलग से कोई कानून मौजूद नहीं है। भारत में रेप की डेफिनेशन आईपीसी 375 में है। यहां मैरिटल रेप को अपराध मानने से लोगों का ऐसा मानना है कि वैवाहिक जीवन और समाज आस्थिरता जाएगी।

ऐसी महिलाएं जो मेरिट रेप का शिकार हो रही है उनको क्या करना चाहिए?

मैरिटल रेप से जुड़ी खबरें आए दिन इंडिया में आती रहती हैं। बहुत सी महिलाएं अपने परिवार या अपने बच्चों के कारण मैरिटल रेप को लेकर कोई आवाज नहीं उठाती है। लेकिन जरा सोचिए यदि यह आज आपके साथ हो रहा है तो कल आपकी बच्ची के साथ भी हो सकता है इसलिए आवाज उठाना बहुत जरूरी है।

आप या आपके आसपास कोई भी महिला यदि मैरिटल रेप का शिकार होती है तो उसको कहिए या उसको समझाइए कि यह सही नहीं है आपको चुपचाप इसको सहन नहीं करना चाहिए, अपने परिवार वालों या अपने दोस्तों को इसके बारे में जानकारी दो और उस घर को छोड़ दो जहां आपको मैरिटल रेप का शिकार होना पड़ रहा है। आप चाहे तो आप पुलिस थाने जाकर FIR लिखवा सकती हैं। आप चाहे तो किसी एनजीओ या किसी वकील की हेल्प ले सकती है। भारत में ऐसी बहुत सारी आईपीसी धारा मौजूद है जिसके अंतर्गत एक महिला अपने हक के लिए आवाज उठा सकती है और उसको इंसाफ मिल सकता है।

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