यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (युटीआई) माइक्रोब्स के कारण होता है। ये इतने छोटे होते हैं की हम इसे माइक्रोस्कोप से भी नहीं देख सकते हैं। ये आम तौर पर बैक्टीरिया या फंगई के कारण सबसे ज़्यादा फैलता है। यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन हुमंस को होने वाली सबसे ज़्यादा कॉमन बिमारियों में से एक है। भारत में हर साल कम से कम 10 मिलियन लोगों को अकेले भारत में ये इन्फेक्शन होती है। जानिए इससे जुड़ी और बातें:

क्या है यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन के लक्षण?

इसके लक्षण इस बात पे डिपेंड करते हैं की हमारे यूरिनरी सिस्टम का कौन सा पार्ट इन्फेक्टेड हुआ है। लोअर ट्रैक्ट युटीआई आपके यूरेथ्रा और ब्लैडर को एफेक्ट करता है। इसके लक्षण हो सकते हैं:

  • यूरिनेशन के दौरान जलन
  • यूरीन में ब्लड
  • यूरीन का काफी स्ट्रांग स्मेल
  • महिलाओं में पेल्विक पेन

अपर युटीआई आपके किडनी को एफेक्ट करता है जिसके लक्षण हो सकते हैं:

  • फीवर
  • जी मिचलाना
  • वोमिटिंग

क्यों है महिलाओं को युटीआई से ज़्यादा खतरा?

युटीआई के कारण महिलाओं को बहुत सारी बिमारियों का सामना करना पड़ सकता है। महिलाओं की यूरेथ्रा भी मर्दों के मुकाबले छोटी होती है इसलिए इसमें बैक्टीरिया घुसने के चान्सेस बढ़ जाते हैं। सेक्सुअल इंटरकोर्स के तुरंत बाद महिलाओं को यूरिनेट करना चाहिए क्योंकि इसके वजह से उनके शरीर से सारे बैक्टीरिया बाहर आ जायेंगे। अगर कोई महिला स्पेर्मिसाइड से गुज़र रही है तो उसके इस इन्फेक्शन से इन्फेक्टेड होने के चान्सेस भी बढ़ जाते हैं।

कैसे करें खुद का युटीआई से बचाव?

शोध बताते हैं की हर एक युटीआई से इन्फेक्टेड आदमी के बदले 8 महिलाएं इससे इन्फेक्ट होती है। इससे बचने के लिए दिन भर में ज़्यादा से ज़्यादा पानी पिएं। कोशिश करें की आप अपने यूरीन को ज़्यादा देर तक ना रोकें। अगर आपको अपने यूरिनरी सिस्टम में कोई भी तकलीफ अलगे तो तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

क्या है युटीआई का ट्रीटमेंट?

युटीआई का इलाज हो सकता है। इसके लिए आप अपने डॉक्टर से संपर्क करें और उनकी बताई गई प्रक्रिया में से किसी एक का चयन कर लें। युटीआई का इलाज कई तरीकों से हो सकता है जैसे की:

  • एंटीबायोटिक से- आपको किस पार्ट में युटीआई हुआ है ये उस पर डिपेंड करता है।
  • घरेलु नुस्खों से- ये आपके मेडिकेशन के साथ चलना चाहिए।
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