Ganesh Chaturthi 2022 : यह 5 चीजें भूलकर भी ना करें गणेश चतुर्थी पर

Ganesh Chaturthi 2022 :  यह 5 चीजें भूलकर भी ना करें गणेश चतुर्थी पर Ganesh Chaturthi 2022 :  यह 5 चीजें भूलकर भी ना करें गणेश चतुर्थी पर

Vaishali Garg

27 Aug 2022

Ganesh Chaturthi 2022: इस वर्ष गणेश चतुर्थी 31 अगस्त 2022 को मनाया जायेगा, इसी कारण इस दिन को गणेश उत्सव के रूप में मनाया जाता है। इसके साथ ही अगले 10 दिनों तक भक्तगण भगवान गणेश की विधिवत पूजा करते है। इसके बाद धूमधाम से विदा करते हुए जल में प्रवाहित कर देते।

Ganesh Chaturthi 2022: यह चीजें भूलकर भी ना करें गणेश चतुर्थी पर

  1. गणेश जी को पूजन में भूल कर भी तुलसी नहीं चढ़ानी चाहिए। पौराणिक कथा के अनुसार गणेश जी ने तुलसी जी का विवाह प्रस्ताव ठुकरा दिया था। जिसके बाद तुलसी जी ने गणेश जी को दो विवाह का श्राप दिया था, तो वहीं गणेश जी ने तुलसी जी का विवाह एक राक्षस के साथ होने का श्राप दिया। इसके बाद गणेश पूजन में तुलसी का प्रयोग नहीं किया जाता है।
  2. गणपति की स्थापना करने के बाद उन्हें अकेला न छोड़ें। आठों पहर कोई न कोई उनके पास रहना चाहिए। गणेश पूजन में सात्विक भोजन ही करना चाहिए। इस दौरान मांस, मदिरा, मछली का सेवन भूलकर भी न करें।
  3. गणेश चतुर्थी के दिन चंद्रमा का दर्शन नहीं करना चाहिए , वरना व्यक्ति कलंक का भागी बनता है। इसके अलावा गणेश उत्सव के दिनों में झूठ बोलना, चोरी करना और झगड़ना बिल्कुल भी नहीं चाहिए।
  4. गणेश जी की मूर्ति की जहां स्थापना कर रहे हैं, वहां ध्यान रहे कि हमेशा उजाला हो। गणपति के दर्शन कभी भी अंधेरे में नहीं करना चाहिए, ऐसा करना अशुभ माना जाता है।
  5. गणेश चतुर्थी की पूजा में भूलकर भी प्याज और लहसुन का प्रयोग ना करें। इन दिनों में ब्रह्मचार्य का पालन करें। मन में सात्विक विचार रखें। किसी भी प्रकार की हिंसा से भी बचें।

Ganesh Chaturthi 2022: जानिए तिथि, शुभ मुहूर्त, मूर्ति स्थापना और विसर्जन का समय

गणेश चतुर्थी 2022: 31 अगस्त, 2022 (बुधवार) मध्याह्न

गणेश पूजा मुहूर्त: सुबह 11:05 बजे से दोपहर 01:39 बजे तक

अवधि: 2 घंटे 33 मिनट

चतुर्थी तिथि शुरू: 30 अगस्त 2022 को दोपहर 3:33 बजे

चतुर्थी तिथि समाप्त: 31 अगस्त, 2022 को अपराह्न 03:22

गणेश विसर्जन: 9 सितंबर, 2022 (शुक्रवार)

Ganesh Chaturthi 2022: इस साल ना पहुंचाएं पर्यावरण को कोई नुकसान

इस बार P.O.P से बनी मूर्ति कि जगह मिट्टी के गणपति को घर बुलाएं। मिट्टी पानी में जाते ही घुल जाती है और इससे नदी या उसके जीव को कोई नुकसान नहीं पहुँचता। लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि कई बार दूकानदार पीओपी की मूर्ति को मिट्टी की बता कर आपको चकमा दे सकता है। इसलिए इस बात का ध्यान दें कि आप मिट्टी के ही गणेश जी अपने घर पर लेकर आएंगे।

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