Ganesh Chaturthi 2022: गणेश चतुर्थी पर कैसे करें गणेश जी की स्थापना

Ganesh Chaturthi 2022: गणेश चतुर्थी पर कैसे करें गणेश जी की स्थापना Ganesh Chaturthi 2022: गणेश चतुर्थी पर कैसे करें गणेश जी की स्थापना

Vaishali Garg

29 Aug 2022

Ganesh Chaturthi 2022: हिंदू पंचांग के अनुसार , भाद्रपद के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि के दिन गणेश चतुर्थी का व्रत रखा जाता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान गणेश का जन्म हुआ था। इस दिन विधिवत तरीके से भगवान गणेश को स्थापित किया जाता है। इस वर्ष गणेश चतुर्थी 31 अगस्त 2022 को मनाया जायेगा, इसी कारण इस दिन को गणेश उत्सव के रूप में मनाया जाता है। इसके साथ ही अगले 10 दिनों तक भक्तगण भगवान गणेश की विधिवत पूजा करते है। इसके बाद धूमधाम से विदा करते हुए जल में प्रवाहित कर देते।

Ganesh Chaturthi 2022: कैसे करें गणेश जी की मूर्ति की स्थापना

सबसे पहले भगवान गणेश जी माहाराज के समक्ष घी का दीया जलाएं। इसके बाद पूजा - का संकल्प लें। फिर गणेश जी का ध्यान करने के बाद उनका आह्वन करें।

इसके बाद गणेश को स्नान कराएं। सबसे पहले जल से , फिर पंचामृत जिसमें दूध , दही, घी, शहद और चीनी का मिश्रण शमिल है और फिर शुद्ध जल से स्नान कराएं।

अब गणेश जी को वस्त्र चढ़ाएं। इसके बाद गणपति की प्रतिमा पर सिंदूर , चंदन , फूल और फूलों की माला अर्पित करें।

अब गणेश जी को मनमोहक सुगंध वाली धूप दिखाएं, अब एक दूसरा दीपक जलाकर गणपति की प्रतिमा को दिखाये।

अब नैवेद्य चढ़ाएं। नैवेद्य में मोदक, मिठाई, गुड़ और फल शामिल करें। इसके बाद गणपति को नारियल अर्पित करें। अब अपने परिवार के साथ गणपति की आरती करें। गणेश जी की आरती कपूर के साथ घी में डूबी हुई एक या तीन या इससे अधिक बत्तियां बनाकर की जाती है।

इसके बाद हाथों में फूल लेकर गणपति के चरणों में पुष्पांजलि अर्पित करें।

Ganesh Chaturthi 2022: शुभ मुहूर्त, मूर्ति स्थापना और विसर्जन का समय

गणेश चतुर्थी 2022: 31 अगस्त, 2022 (बुधवार) मध्याह्न

गणेश पूजा मुहूर्त: सुबह 11:05 बजे से दोपहर 01:39 बजे तक

अवधि: 2 घंटे 33 मिनट

चतुर्थी तिथि शुरू: 30 अगस्त 2022 को दोपहर 3:33 बजे

चतुर्थी तिथि समाप्त: 31 अगस्त, 2022 को अपराह्न 03:22

गणेश विसर्जन: 9 सितंबर, 2022 (शुक्रवार


Ganesh Chaturthi 2022: इस साल ना पहुंचाएं पर्यावरण को कोई नुकसान

इस बार P.O.P से बनी मूर्ति कि जगह मिट्टी के गणपति को घर बुलाएं। मिट्टी पानी में जाते ही घुल जाती है और इससे नदी या उसके जीव को कोई नुकसान नहीं पहुँचता। लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि कई बार दूकानदार पीओपी की मूर्ति को मिट्टी की बता कर आपको चकमा दे सकता है। इसलिए इस बात का ध्यान दें कि आप मिट्टी के ही गणेश जी अपने घर पर लेकर आएंगे।



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