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Hanuman Jayanti 2022: जानिए हनुमान जयंती कब है और क्या है पूजा विधि

आपको बता दें कि कन्नड़ लोग भगवान हनुमान की जयंती त्रयोदशी तिथि, मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष में मनाते हैं। जानिए इस ब्लॉग में इस साल हनुमान जयंती कब है। इस दिन कैसे करें हनुमान जी की पूजा, क्या है शुभ मुहूर्त और कुछ ख़ास उपाय-

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Vaishali Garg
03 Dec 2022
Hanuman Jayanti 2022: जानिए हनुमान जयंती कब है और क्या है पूजा विधि

Hanuman Jayanti 2022

Hanuman Jayanti 2022: पूरे भारतवर्ष में 5 दिसंबर को मनाया जाएगा हनुमान जयंती का पर्व , आपको बता दें कि कन्नड़ लोग भगवान हनुमान की जयंती त्रयोदशी तिथि, मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष में मनाते हैं। हनुमान जयंती पर शाम को लाल वस्त्र बिछाकर हनुमान जी की मूर्ति या फोटो को दक्षिण मुंह करके स्थापित कीजिए। आप खुद लाल आसन पर लाल वस्त्र पहनकर बैठ जाएं। घी का दीपक और चंदन की अगरबत्ती या फिर धूप जलाएं। चमेली तेल में घोलकर नारंगी सिंदूर और चांदी का वर्क चढ़ाएं भगवान हनुमान जी महाराज को। इसके बाद लाल फूल से भगवान की पुष्पांजलि दें। लड्डू या फिर बूंदी के प्रसाद का भोग लगाएं। आप चाहें तो केले का भी भो लगा सकते हैं। दीपक से 9 बार घुमाकर आरती करें और ‘ॐ मंगलमूर्ति हनुमते नमः' मंत्र का जरुर जाप करें।

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Hanuman Jayanti 2022: धन प्राप्ति के लिए करें ये उपाय

हनुमान जी की पूजा कोई भी स्त्री या पुरुष कर सकते हैं। हनुमान जंयती पर एक विशेष उपाय करने से धन प्राप्ति के मार्ग काफी मजबूत होते हैं। हनुमान जी पर जल चढ़ाने के बाद पंचामृत जरुर चढ़ाएं। तिल के तेल में नारंगी सिंदूर घोलकर भी चढ़ाएं। चमेली की खुश्बू या फिर तेल चढ़ाएं। हनुमान जी महाराज को लाल पुष्प ही चढ़ाएं। आप चाहें तो  गुड़ या गेहूं के आटा की रोटी और चूरमे का भोग भी लगा सकते हैं। साथ ही मंत्र श्री राम भक्ताय हनमते नमः" का जाप करें।

Hanuman Jayanti 2022: यादि शत्रु परेशान करें तो करें यह उपाय-

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हनुमान जी को 11 पीपल के पत्तों पर नारंगी और सिंदूर से राम-राम लिखकर चढ़ा दें. एक सूखे गोले को छेद क्रके उसमें शक्कर, भरकर हनुमान जी को चढ़ाएं। हनुमान जी को 11 लड्डू चढ़ाएं और गुलाब की अगरबत्ती भी जला दें। ऐसा करने से आपके दुश्मनों की रणनीतियां नाकाम हो जाएंगी।

Hanuman Jayanti 2022:  हनुमान जयंती के दिन जरूर करें इस मंत्र का जाप

ओम ह्रां ह्रीं ह्रं हैं ह्रौं ह्रः॥ हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट्। ओम हं हनुमंताय नम: ओम नमो हनुमते रूद्रावताराय सर्वशत्रुसंहारणाय सर्वरोग हराय सर्ववशीकरणाय रामदूताय स्वाहा।

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