क्या के-ड्रामा ने ‘ग्रीन फ्लैग पार्टनर’ की नई इमेज बना दी है?

के-ड्रामा की यह परफेक्ट इमेज कई बार रियल लाइफ से तुलना को जन्म देती है। महिलाये अपने पार्टनर से भी वही सेंसिटिविटी और अंडरस्टैंडिंग की उम्मीद करने लगती हैं।

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Dimpy Bhatt
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Have K-dramas created new image of the green flag partner

Photograph: (freepik)

पिछले कुछ सालों से के-ड्रामा सिर्फ़ एंटरटेनमेंट तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उसने रिश्तों को देखने का नज़रिया भी बदल दिया है। खासकर आज की यंग जेनरेशन के लिए के-ड्रामा में दिखाए गए मेल कैरेक्टर्स एक तरह का “ग्रीन फ्लैग पार्टनर” बन चुके हैं। सवाल यह है कि क्या वाकई के-ड्रामा ने पार्टनर की एक नई, बेहतर इमेज बना दी है या फिर यह सिर्फ़ एक फैंटेसी है?

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क्या के-ड्रामा ने ‘ग्रीन फ्लैग पार्टनर’ की नई इमेज बना दी है?

1. इमोशनल अवेयरनेस को नया स्टैंडर्ड

के-ड्रामा में मेल कैरेक्टर्स को अपनी फीलिंग्स समझते और एक्सप्रेस करते हुए दिखाया जाता है। वे रोते हैं, कन्फ्यूज़ होते हैं और अपनी पार्टनर की फीलिंग्स को सीरियस लेते हैं। यह इमोशनल अवेयरनेस आज “ग्रीन फ्लैग” की सबसे बड़ी पहचान बन गई है। दर्शकों को लगने लगा है कि एक अच्छा पार्टनर वही है जो इमोशनली प्रेजेंट हो, न कि सिर्फ़ चुपचाप मजबूत बने रहने वाला।

2. रिस्पेक्ट और इम्पोर्टेंस

के-ड्रामा में रिश्तों की शुरुआत अक्सर धीरे-धीरे होती है। जबरदस्ती, प्रेशर या ओनरशिप कम दिखाई देती है। मेल लीड्स अपनी पार्टनर की बौंडरीएस की  रेस्पेक्ट करते हैं और उनके ओपिनियन की वैल्यू करते है। इससे महिलायें ये समझ गयी है की प्यार में कंट्रोल नहीं, बल्कि इक्वलिटी ज़रूरी है। यही वजह है कि महिलाएं इसे “ग्रीन फ्लैग बिहेवियर” मानती  हैं।

3. सपोर्टिव पार्टनर की इमेज

कई के-ड्रामा में मेल कैरेक्टर अपनी पार्टनर के करियर, ड्रीम्स और डिसिशन में पूरा सपोर्ट दिखाते हैं। वे जेएलओसी या इन्सेक्युरित्य की बजाय ट्रस्ट को चुनते हैं। इससे यही मैसेज मिलता है कि सही रिश्ता वही है जहाँ महिला को आज़ादी मिले। यह इमेज खासकर उन महिलाओं को प्रभावित करती है, जो असल ज़िंदगी में सपोर्ट की कमी महसूस करती हैं।

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4. रियल लाइफ से एक्सपेक्टेशन

के-ड्रामा की यह परफेक्ट इमेज अक्सर रियल लाइफ से मिलती-जुलती लगती है। महिलाये अपने पार्टनर से भी वैसी ही सेंसिटिविटी और अंडरस्टैंडिंग की उम्मीद करने लगती हैं। हालांकि यह पॉजिटिव है, लेकिन कभी-कभी इससे गलत उम्मीदें भी बढ़ जाती हैं क्योंकि रियल लाइफ में लोग उतने परफेक्ट नहीं होते जितने स्क्रीन पर दिखते हैं।

5. बातचीत और रिश्तों की नई भाषा

के-ड्रामा ने रिश्तों में कम्युनिकेशन, गुड लिस्टनेर और स्माल जेस्चर्स की इम्पोर्टेंस सिखाई है। अब “ग्रीन फ्लैग पार्टनर” का मतलब सिर्फ़ बड़ा रोमांटिक नहीं, बल्कि रोज़मर्रा की समझ और केयर बन गया है। के-ड्रामा ने ग्रीन फ्लैग पार्टनर की एक ऐसी इमेज बनाई है जो रेस्पेक्ट, इमोशनल अंडरस्टैंड और समानता पर बेस्ड है। भले ही यह पूरी तरह रियल न हो, लेकिन इसने रिश्तों के लिए एक हेल्दी वे ज़रूर दिखाई है।

कम्युनिकेशन के-ड्रामा