मकर संक्रांति भारत के अलग-अलग राज्यों में कैसे मनाई जाती है?

भारत के सबसे ज़रूरी त्योहारों में से एक, मकर संक्रांति जिसे देश में लगभग हर हिस्से में मनाया जाता है। इसका नाम, परंपराएं और रीति-रिवाज हर राज्य में अलग-अलग होते हैं। 

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Dimpy Bhatt
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How Makar Sankranti celebrated in different states of India

Photograph: (freepik)

भारत के सबसे ज़रूरी त्योहारों में से एक, मकर संक्रांति जिसे देश में लगभग हर हिस्से में मनाया जाता है। इसका नाम, परंपराएं और रीति-रिवाज हर राज्य में अलग-अलग होते हैं, लेकिन इसका भाव एक ही रहता है —नई शुरुआत, सूरज के प्रति आदर और प्रकृति के प्रति आभार। यह त्योहार सूर्य के मकर राशि में प्रवेश का प्रतीक है और खेती-किसानी से जुड़े लोगों के लिए भी खास महत्व रखता है। 

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मकर संक्रांति भारत के अलग-अलग राज्यों में कैसे मनाई जाती है?

1. पंजाब और हरियाणा में लोहड़ी का उत्सव

पंजाब और हरियाणा में मकर संक्रांति से एक दिन पहले लोहड़ी मनाई जाती है। इस दिन लोग अलाव जलाते हैं, उसके चारों ओर घूमकर तिल, गुड़, मूंगफली और रेवड़ी चढ़ाते हैं। ढोल की थाप पर गिद्दा और भांगड़ा किया जाता है। यह त्योहार फसल की कटाई और खुशहाली को दिखाता है।

2. उत्तर भारत में स्नान और दान की परंपरा

उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में मकर संक्रांति के दिन पवित्र नदियों में स्नान का खास महत्व है। गंगा, यमुना या अन्य नदियों में स्नान करने के बाद लोग दान-पुण्य करते हैं। गुड़ और तिल से बनी चीज़ों का खाना और दान करना शुभ माना जाता है। इस दिन कई जगहों पर मेले भी लगते हैं।  

3. गुजरात और राजस्थान में पतंगों की रौनक

गुजरात और राजस्थान में मकर संक्रांति को पतंग उत्सव के साथ मनाया जाता है। आसमान रंग-बिरंगी पतंगों से भरा होता है। लोग छतों पर इकट्ठा होकर पतंग उड़ाते हैं और खास पकवान जैसे उंधियू और तिल के लड्डू बनाए जाते हैं। यह दिन खुशी और बड़े पैमाने पर त्योहार मनाने का दिन होता है। 

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4. दक्षिण भारत में पोंगल का फेस्टिवल 

मकर संक्रांति को तमिलनाडु में पोंगल के रूप में मनाया जाता है। यह फसल का त्योहार चार दिनों तक चलता है। वे ताज़े चावल से पोंगल बनाते हैं और सूर्य देव को श्रद्धांजलि देते हैं। घरों को डेकोरेट करने के लिए रंगोली बनाई जाती है, और गाय जो की खेती का एक ज़रूरी हिस्सा है उनकी की पूजा की जाती है।

5. महाराष्ट्र और कर्नाटक में तिल-गुड़ की मिठास

इस दिन, महाराष्ट्र और कर्नाटक में लोग "तिलगुल घिया, गोड गोड बोला" बोलते हुए तिल और गुड़ एक दूसरे को देते है। इसका मतलब है कि जीवन में मिठास बनाए रखना। भारत के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग रूप में मनाई जाने वाली मकर संक्रांति यह दिखाती है कि परंपराएँ भले अलग हों, लेकिन संस्कृति और भावना सभी को एक साथ जोड़ती है।

गुड़ तिल मकर संक्रांति