पल्स ऑक्सीमीटर से जुड़ी बातें  – एक नार्मल ऑक्सीजन लेवल 95 से ऊपर होना चाहिए। ये ऑक्सीमीटर एक छोटा सा इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस होता है। इसके बीच में ऊँगली फसायी जाती है और रेटिंग देखी जाती है। इस में दो रेटिंग आती हैं एक ऑक्सीजन की और एक पल्स की। अगर आपकी ऑक्सीजन लेवल इस से कम होती है तो आपको तुरंत डॉक्टर के पास अस्पताल में चले जाना चाहिए।

पल्स ऑक्सीमीटर से जुड़ी जरुरी बातें –

1.ऑक्सीमीटर की एक लाइट होती है जो ऊँगली के अंदर से जाकर ऑक्सीजन लेवल नापती है। अगर आपके नाख़ून में नेल पोलिश और नकली नाख़ून लगे हैं तो आपका ऑक्सीजन लेवल गलत आ सकता है।

2. जब आप ऑक्सीमीटर से आपका ऑक्सीजन लेवल नाप रहे हैं उस वक़्त थोड़ा सा भी हिलने ढुलने से रीडिंग में बदलाव आ सकता है इसलिए एकदम शांत बैठें।

3. अगर आपके हाँथ ठन्डे होते हैं या फिर गीले होते हैं तो इस से आपकी रीडिंग में काफी फर्क आ सकता है। इसलिए इन बातों का ध्यान रखें जब ऑक्सीमीटर इस्तेमाल कर रहे हो।

4. अगर आपको सही रीडिंग चाहिए है तो आपके नाखून हमेशा ऊपर की तरफ ही होना चाहिए।

5. हाँथ में मेहँदी के होने से भी आपकी ऑक्सीजन रीडिंग बदल सकती है इसलिए कुछ समय तक न लगाएं।

पल्स मतलब होता है दिल की धड़कने की रेट। यह हमेशा 70 से 100 के बीच होना चाहिए। अगर आपको भी कोरोना हुआ है तो आज हम आपको ऐसी कुछ चीज़ें बताएंगे जो आपको अपने पास जरूर रखना चाहिए। कोरोना के वक़्त हमें हमारे बीपी, शुगर और पल्स को बार बार नापने की जरुरत होती है ताकि हम उसे नियंत्रण में रख सकें और हमारी अचानक से मौत न हो जो कि ज्यादातर कोरोना के केसेस में होता है।

कोरोना की दूसरी लहर हमारे सर पर है ऐसे में न जाने कितने ही लोग ऑक्सीजन की कमी से और मेडिकल बेड की कमी से मर रहे हैं। कोरोना वायरस की बीमारी में अधिकतर लोग सांस लेने में दिक्कत महसूस करते हैं। इसलिए लोगों को हर फैमिली में इस कोरोना के मुश्किल वक़्त में पल्स ऑक्सीमीटर रखना चाहिए।

Email us at connect@shethepeople.tv