Rekha Bhardwaj Birthday Special: जानें उनसे जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें

जहाँ उनकी आवाज़ में गहराई है, वहीं उनकी पर्सनैलिटी में सादगी। रेखा भारद्वाज लाइमलाइट से दूर रहना पसंद करती हैं और अपने काम को ही अपनी पहचान मानती हैं।

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Dimpy Bhatt
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Learn some interesting facts about Rekha Bhardwaj on her birthday

Photograph: (Pinterest)

रेखा भारद्वाज की आवाज़ में एक अलग ही जादू है—थोड़ा सा दर्द, थोड़ी सी शरारत और ढेर सारी गहराई। जब भी वे गाना जाती है, तो लगता है जैसे हर शब्द किसी इमोशन को छूकर निकल रहा हो। रेखा भारद्वाज की आवाज़ के लाखों दीवाने हैं। उनकी आवाज़ सिंगर्स में सबसे अलग है, यही बात उन्हें सबसे अलग बनाती है। फिल्म "ओमकारा" का गाना "नमक इश्क का" कौन भूल सकता है? फिल्म "दिल्ली 6" का गाना "ससुराल गेंदा फूल" आज भी लोगों को खुश करता है। सिंगर के जन्मदिन के मौके पर आइए उनकी ज़िंदगी से जुड़ी कुछ दिलचस्प और कम जानी-पहचानी बातों को जानने का।

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Rekha Bhardwaj Birthday Special: जानें उनसे जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें

1. क्लासिकल संगीत से हुई शुरुआत

रेखा भारद्वाज की म्यूज़िकल जर्नी अचानक शुरू नहीं हुई। उन्हें बचपन से ही संगीत का माहौल मिला और उन्होंने क्लासिकल म्यूज़िक की बाकायदा ट्रेनिंग ली। यही वजह है कि उनकी सिंगिंग में ठहराव और गहराई साफ़ सुनाई देती है। चाहे ग़ज़ल हो या सूफी टच वाला गाना, उनकी आवाज़ हर फॉर्म को खास बना देती है।

2. सिंगर से पहले कंपोज़र की पहचान

बहुत कम लोग जानते हैं कि रेखा भारद्वाज सिर्फ़ सिंगर ही नहीं, बल्कि एक बेहतरीन म्यूज़िक कंपोज़र भी हैं। उन्होंने कई प्रोजेक्ट्स में म्यूज़िक कंपोज़ किया है और उनके कंपोज़ किए गानों में एक रॉ और अर्थी फील होती है। उनके म्यूज़िक में ट्रेंड्स से ज़्यादा इमोशन को अहमियत दी जाती है।

3. विशाल भारद्वाज के साथ क्रिएटिव जर्नी

रेखा भारद्वाज और विशाल भारद्वाज की जोड़ी को इंडस्ट्री की सबसे क्रिएटिव जोड़ियों में गिना जाता है। दोनों की सोच और म्यूज़िक सेंस एक-दूसरे को कॉम्प्लीमेंट करते हैं। ‘नमक इश्क़ का’, ‘फिर ले आया दिल’ और ‘घाघरा’ जैसे गाने इस बात का सबूत हैं कि जब क्रिएटिविटी और केमिस्ट्री मिलती है, तो जादू बनता है।

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4. अवॉर्ड्स से ज़्यादा कंटेंट पर फोकस

रेखा भारद्वाज कभी भी सिर्फ़ अवॉर्ड्स या पॉपुलैरिटी के पीछे नहीं भागीं। उन्होंने हमेशा ऐसे गाने चुने, जो उन्हें अंदर से छूते थे। यही वजह है कि उनके गाने सालों बाद भी उतने ही फ्रेश लगते हैं। उनकी गायकी में दिखावा नहीं, बल्कि सच्चाई महसूस होती है।

5. ऑफ-स्क्रीन सादगी

जहाँ उनकी आवाज़ में गहराई है, वहीं उनकी पर्सनैलिटी में सादगी। रेखा भारद्वाज लाइमलाइट से दूर रहना पसंद करती हैं और अपने काम को ही अपनी पहचान मानती हैं। शायद यही सिम्पलिसिटी उनकी आवाज़ में भी झलकती है। उनके गाने हर ऐज और हर मूड से जुड़ जाते हैं। उनके जन्मदिन पर यही कहा जा सकता है कि उन्होंने अपनी आवाज़ से इंडियन सिनेमा को और ज़्यादा खूबसूरत बना दिया है।

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