म्यूकॉरमाइकॉसिस के लक्षण – कोरोनावायरस के मामले लगातार बढ़ते ही जा रहें थे, वही अब दूसरी बीमारी का खतरा भी मंडरा रहा है। हालांकि ब्लैक फंगस सिर्फ कोरोना के मरीजों को ही अपना शिकार बना रहा है। डॉक्टर के मुताबिक यह बीमारी काफी घातक साबित हो सकती है। यह पहले त्वचा को उसके बाद मस्तिक और फेफड़ों को भी नुकसान पहुंचाती हैं।

1. क्या है ब्लैक फंगस यानी कि म्यूकॉरमाइकॉसिस

यह दुर्लभ फंगल इंफेक्शन है जो शरीर में काफी तेजी से फैलती है। कोरोना संक्रमित मरीजों में स्टेरॉयड और एंटी बायोटिक का अधिक सेवन करने के कारण फंगल इंफेक्शन के रूप में सामने आ रहा है। इसके अलावा पर्यावरण में मौजूद फंगस भी मरीजों पर काफी तेजी से असर करता है। दरअसल शरीर कमजोर हो जाने के कारण पर्यावरणीय रोगजनक को से लड़ने की क्षमता कम हो जाती है।

2. म्यूकॉरमाइकॉसिस का शरीर पर क्या प्रभाव पड़ता है ?

संक्रमण की अधिकता के बाद दाढ़ी वाले हिस्से पर काले धब्बे पड़ जाते हैं। इसमें यूवीक्यूटस फंगस पाएं जातें हैं जो नाक या गले से होते हुए श्र्वसन के माध्यम से खून में मिल जाते हैं। जिसके बाद इसका सीधा असर आंख और मस्तिक पर होता है। म्यूकॉरमाइकॉसिस से आंखों की रोशनी प्रभावित होने के साथ पैरालाइसिस का भी खतरा रहता है।

3. म्यूकॉरमाइकॉसिस के लक्षण

1. सर दर्द करना

जब हम सांस लेते हैं तब नाक के माध्यम से फंगस साइनस कैविटीज और नेरव्स पर हमला करता है। जिसके कारण लगातार सर दर्द हो सकता है।

2. धुंधला दिखना

यह बीमारी श्र्वसन के माध्यम से आंखों को प्रभावित करती है। इससे आंखों की रोशनी जाने और सूजन होने का भी खतरा रहता है।

3. चेहरे के हिस्सों में सूजन हो जाना

गालों की हड्डियों में दर्द करना या सूज जाना भी म्यूकॉरमाइकॉसिस के लक्षण में से एक है। स्किन इन्फेक्शन होने से चेहरे में दर्द, छाले या फुंसी भी हो सकती हैं।

4. मानसिक स्वास्थ्य पर असर करता है

फंगस नाक या मुंह के माध्यम से दिमाग तक पहुंच जाती है। जिसके कारण याददाश्त जाने या कन्फ्यूजन जैसे लक्षण दिख सकतें हैं।

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