प्रेगनेंसी की प्रक्रिया  – प्रेगनेंसी हर कसी के जीवन का सबसे अच्छा पल होता है। कई बार हम कई कारणों से प्रेग्नेंट नहीं हो पाते हैं। कभी हमें सही समय पता नहीं होता है तो कभी हमें सब समझ में अच्छे से नहीं आता है। इसलिए प्रेग्नन्सी और पीरियड का अच्छे से समझना बहुत जरुरी होता है। ताकि आप भी माँ बनने का सुख उठा पाएं और खुश हो जाएं।

प्रेग्नेंट होना और माँ बनना एक सबसे बड़ा सुख होता है। आजकल हमारी लाइफस्टाइल इतनी ख़राब होती है प्रदूषण और ख़राब खाना कि ज्यादातर महिलाओं को प्रेग्नेंट होने में बहुत समस्या होती है। बहुत सी महिलाओं के पीरियड भी गलत लाइफस्टाइल के कारण सही डेट्स पर नहीं आते हैं। इस से भी आपके प्रेग्नेंट होने पर बहुत फर्क पढता है।

प्रेगनेंसी के लिए पहले ओव्यूलेशन समझें

एक महिला की दो ओवरीज़ / अंडाशय होती हैं। इन ओवरीज़ में छोटे छोटे अंडे होते हैं जो पीरियड के शुरू होते ही बढ़ना चालू हो जाते हैं। इन दोनों ओवरीज़ मेसे कोई एक ओवरी का अंडा बड़ा हो कर ओवरी से बाहर निकल जाता है। ये अंडा फिर मेन के स्पर्म से मिलकर बच्चा दानी में जम जाता है । इसी समय पर आपका प्रेगनेंसी का टेस्ट रिजल्ट पॉजिटिव आता है। इस के बाद बच्चा बनने की प्रक्रिया शुरू होती है।

प्रेगनेंसी के लिए सबसे सही वक़्त कौन सा होता है ?

प्रेग्नेंट होना ओव्यूलेशन के 3 दिन पहले से ओव्यूलेशन के दो से तीन दिन बाद तक संभव होता है। प्रेग्नेंट होने का सबसे सही समय ये वक़्त पीरियड चक्र के 11 से 15 दिन के बीच आता है। इन सबके बाद प्रेग्नेंट होने के लिए सबसे जरुरी होता है कि आपके पीरियड नियमित रूप से हर महीने आते हों।

कोरोना में वैक्सीन का प्रेगनेंसी के वक़्त क्या करें ?

वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाईजेशन ने ऐसा कहा है कि प्रेगनेंसी के दौरान भी आपको वैक्सीन नहीं लेना चाहिए जब तक आपके लिए एक दम जरुरी न हो या आप का केस बहुत सीरियस न हो। इस के बाद ही यह कहा गया है कि कोरोना वैक्सीन लेने के 2 महीने बाद ही बच्चा प्लान करें। क्योंकि बच्चे को माँ दूध पिलाती है उस से भी शायद कुछ दुष्प्रभाव हो सकता है।

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