प्रेग्नेंट होना और माँ बनना एक सबसे बड़ा सुख होता है। आजकल हमारी लाइफस्टाइल इतनी ख़राब होती है प्रदूषण और ख़राब खाना कि ज्यादातर महिलाओं को प्रेग्नेंट होने में बहुत समस्या होती है। बहुत सी महिलाओं के पीरियड भी गलत लाइफस्टाइल के कारण सही डेट्स पर नहीं आते हैं। इस से भी आपके प्रेग्नेंट होने पर बहुत फर्क पढता है।

ओव्यूलेशन क्या होता है ?

महिला के अंडे का बनना और ओवरी से बाहर निकलना मतलब कि ओव्यूलेशन होना इसे ही ओव्यूलेशन कहते हैं। अब आप सोच रहे होंगे कि ये होता कैसे है ? एक महिला की दो ओवरीज़ / अंडाशय होती हैं। इन ओवरीज़ में छोटे छोटे अंडे होते हैं जो पीरियड के शुरू होते ही बढ़ना चालू हो जाते हैं। इन दोनों ओवरीज़ मेसे कोई एक ओवरी का अंडा बड़ा हो कर ओवरी से बाहर निकल जाता है। ये अंडा फिर मेन के स्पर्म से मिलकर बच्चा दानी में जम जाता है । इसी समय पर आपका प्रेगनेंसी का टेस्ट रिजल्ट पॉजिटिव आता है। इस के बाद बच्चा बनने की प्रक्रिया शुरू होती है।

ओव्यूलेशन का प्रेगनेंसी से क्या कनेक्शन है ?

जब महिला का अंडा निकलेगा तभी तो वो मेल स्पर्म से मिलकर बच्चा बनाएगा। इन सब का सही समय और सही तरीके से होने के बाद प्रेग्नेंट होना ओव्यूलेशन के 3 दिन पहले से ओव्यूलेशन के दो से तीन दिन बाद तक संभव होता है। प्रेग्नेंट होने का सबसे सही समय ये वक़्त पीरियड चक्र के 11 से 15 दिन के बीच आता है। इन सबके बाद प्रेग्नेंट होने के लिए सबसे जरुरी होता है कि आपके पीरियड नियमित रूप से हर महीने आते हों।

कोरोना के चलते प्रेग्नेंट होने में काफी रिस्क है इसलिए इन बातों का ध्यान रखें

आप दूध में लौंग, तुलसी, अदरक और हल्दी डालकर खाते रहें। इस से आपकी इम्युनिटी स्ट्रांग रहेगी। कोशिश करें कि आप घर पर ही रहें और सार्वजनिक स्थानों पर न जाएं। कोरोना से बचने के लिए विटामिन सी को अपनी डाइट में रखना बहुत जरुरी है। इसलिए कुछ फल जैसे कि संतरा, मौसम्बी, नींबू और आंवला खाते रहना चाहिए। इसलिए आप रोजाना कोशिश करें कि इन चीज़ों को खाते रहें।

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