सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिजीज असुरक्षित यौन संबंध बनाने से होता है। ऐसी बीमारी योनि संभोग, ओरल सेक्स, अनाल सेक्स, और यौनसंपर्क के जरिए एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में संचारित होता है। इसका इलाज समय पर ना करवाने से यह बीमारी गंभीर हो सकती है। हालांकि इस बीमारी के शुरुआती लक्षण जानकर बाद में होने वाली गंभीर समस्या से बचा जा सकता है। इसीलिए जानिए सेक्शुअली ट्रांसमिटेड डिजीज के लक्षण।

सेक्शुअली ट्रांसमिटेड डिजीज के लक्षण

1. मुंह, गले, genitals पर मस्सा या घाव होना

2. कई तरह के कैंसर होते हैं, जैसे कि ओरल कैंसर,सर्वाइकल कैंसर, वल्वर कैंसर और इत्यादि

3. यूरिनेशन के समय दर्द होना

4. वजाइना और पेनिस से हरा और पीला रंग का डिस्चार्ज होना

5. सेक्स के दौरान दर्द होना

6. वजाइना से अनियमित ब्लीडिंग होना

सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिजीज के प्रकार

1. क्लैमिडिया

यह बीमारी क्लैमिडिया ट्रैकोमैटिस जीवाणु के कारण होता है। यह संक्रमित व्यक्ति के मुत्रमार्ग(Urinary Tract), मलाशय(Rectum), सरविक्स में मौजूद होता है। इससे संक्रमित होने वाले लोगों को बहुत से लक्षण नहीं दिखाई देते हैं। हालांकि कुछ लक्षणों में सेक्स या यूरिनेशन के दौरान दर्द,पेट के निचले हिस्से में हल्का दर्द भी होता है, वजाइना और पेनिस से हरा और पीला रंग का डिस्चार्ज होना और आदि शामिल है। यह बीमारी मां से बच्चों को भी हो सकता है। जिसके कारण बच्चे को आई ब्लाइंडनेस, निमोनिया का खतरा हो सकता है।

2. HPV

इसकी सबसे आम लक्षण है मुंह, गले, genitals पर मस्सा होना। इसके अलावा इसके संक्रमण में आने से कई तरह कैंसर भी होते हैं। जैसे कि ओरल कैंसर, सर्वाइकल कैंसर, वलवार कैंसर, पेनाइल कैंसर और रेक्टाइल कैंसर हो सकता है। वही सिर्फ एचपीवी 16 और एचपीवी 18 स्ट्रेंस के कारण कैंसर होते हैं। हालांकि एचपीवी के खतरनाक बीमारियों से बचने के लिए वैक्सीन भी उपलब्ध है।

3. सिफीलिस

सिफीलिस के शुरुआती चरण में लक्षण नजर नहीं आते हैं। genitals, मुंह, गुदा में घाव होना इस संक्रमण का सबसे पहला लक्षणा है। यह दर्दरहित छाले होते हैं, इसके होने से आपको दर्द नहीं होता है। इसके अलावा बाद में व्यक्ति को रैशेज, थकान सिरदर्द, वजन घटना, बुखार, बालों का झड़ना जैसी समस्या देखने को मिलती है। अगर तो सही समय पर इलाज नहीं करवाया जाए तो व्यक्ति को सुनने व दिखने में दिक्कत, याददाश्त में कमी, दिल एवं मानसिक बीमारी भी हो सकती है।

4. HIV

यह बीमारी इम्यून सिस्टम को कमजोर कर देती है। अगर समय पर इलाज नहीं करवाया जाता है तो यह स्टेज 3 एचआईवी यानी कि AIDS को भी जन्म दे सकती है। इसके शुरुआती लक्षणों में बुखार, ठंड लगना, दर्द, lymph nodes में सूजन, थकान, गले में घाव हो जाना जैसी समस्या होती है।

Disclaimer- यह सार्वजनिक रूप से एकत्रित जानकारी है। यदि आपको किसी विशिष्ट सलाह की आवश्यकता है तो कृपया डॉक्टर से परामर्श करें।

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