सोनिया गाँधी ने PM मोदी को ब्लैक फंगस की दवाई पर कार्य करने को कहा । कांग्रेस पार्टी की चीफ सोनिया गाँधी ने प्राइम मिनिस्टर नरेंद्र मोदी से शनिवार को बालक फंगस की दवाई को लेकर कार्य करने को कहा। इन्होंने लिखा कि जिन लोगों को ब्लैक फंगस है उन्हें तुंरत आराम दिया जाए। इन्होंने ये भी कहा कि इस बीमारी को आयुष्मान भारत के अंतर्गत देखा जाए और बाकि सरकार की हेल्थ स्कीम पर भी ध्यान दिया जाए। इन्होंने कहा कि मामले को तुरंत देखा जाए।

सोनिया गांधी ने आगे कहा कि चूंकि सरकार ने राज्यों से म्यूकोर्मिकोसिस को महामारी घोषित करने के लिए कहा है, ब्लैक फंगस दवाओं की कमी का मुकाबला करने के लिए कुछ किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस बीमारी के इलाज में इस्तेमाल होने वाली सभी आवश्यक दवाओं का पर्याप्त उत्पादन और आपूर्ति होनी चाहिए। इसके बाद उन्होंने कहा कि इससे पीड़ित मरीजों को मुफ्त इलाज दिया जाना चाहिए।

कई राज्यों द्वारा महामारी रोग अधिनियम 1897 के तहत, काले कवक संक्रमण के बाद सोनिया गांधी के बयानों को ‘सूचित रोग’ बना दिया गया था। इसमें हरियाणा, तेलंगाना, ओडिशा, कर्नाटक, राजस्थान, गुजरात आदि शामिल हैं। काले कवक दवाओं की कमी के संबंध में भी कई शिकायतें मिली हैं।

ब्लैक फंगस दवाओं की कमी से जूझ रहे मध्य प्रदेश के जिले

हाल ही में, मध्य प्रदेश के दमोह और बालाघाट जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों ने कहा कि एम्फोटेरिसिन-बी इंजेक्शन जैसी एंटी-फंगल दवाओं की कमी है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्वीकार किया कि देश इन दवाओं की कमी का सामना कर रहा है और अब इनका आयात किया जा रहा है।

ब्लैक फंगस संक्रमण, या म्यूकोर्मिकोसिस अब एक चिंताजनक बोझ बन गया है, जो महामारी की दूसरी लहर के बीच में आ गया है। संक्रमण ने पहले ही देश में कई लोगों की जान ले ली है।

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