मेंस्‍ट्रुअल कप के बारे में अभी लोग बहुत कम जानते हैं। इसका इस्तेमाल भी कम किया जाता है लेकिन महिलाओं और लड़कियों के लिए मेंस्‍ट्रुअल कप काफी उपयोगी है।

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हमने ऐसी तीन महिलाओं से बात करी जिन्होंने मेंस्‍ट्रुअल कप को इस्तेमाल किया, टेस्ट किया और लोगोंं को इस्तेमाल करने केेे लिए रिकमेंड भी किया

बैंगलोर की 26 वर्षीय HR प्रोफेशनल अस्मिरा अली ने हमें बताया कि एनवायरमेंटल इंपैक्ट के कारण मेंस्‍ट्रुअल कप का इस्तेमाल करना शुरू किया।

“मुझे लगता है कि महिलाएं मेंस्‍ट्रुअल कप का इस्तेमाल करना सीख जाएंगी, जब वह एक सिंगल पैड‌ के वेस्ट इंपैक्ट के बारे में सोचेंगीं। यह हमारे जीवन में बदलाव के लिए पहला कदम होगा।एक और कारण है कि हम मेंस्‍ट्रुअल कप की सलाह देते हैं – एक सिंगल कप पूरे 10 साल चल सकता है! अगर आप इसके बारे में सोचेंगे तो आप बहुत सारी सेविंग्स भी कर सकते हैं। ‌

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बैंगलोर की प्रोफेशनल डिजाइनर मालविका तिवारी ने भी एक बात कही, “अगर आप अपने शहर के लैंडफिल को देखे, तो यह अनदेखा करना मुश्किल होता है कि हम कितना सैनिटरी वेस्ट पैदा करते हैं। आंकड़ों को देखें और जाने कि किस तरह वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम इस वॉल्यूम को हैंडल कर पाने में काफी असमर्थ है। इसलिए हमें sustainable method की ओर मुव करना चाहिए।

मालविका ने मैनशुरेशन के taboo के बारे में भी बताया, “हमारी संस्कृति में मेंस्ट्रुअल हाइजीन के आसपास की चुप्पी और taboo के कारण ही हम इस क्षेत्र में विकास नहीं कर पा रहे हैं ” । कई महिलाओं को अभी भी यह पता नहीं कि उनके लिए इको फ्रेंडली ऑप्शन अवेलेबल हैं। यह केवल इको फ्रेंडली होने के बारे में नहीं है, इन कपों का उपयोग करना आसान है, आप पैसों की बचत भी कर सकते हैं और यह काफी स्वस्थ और नॉन टॉक्सिक होते हैं।

आज भी दुकानदार आपको काले प्लास्टिक की थैलियों में पैड सौंपते हैं, और सभी जानते हैं कि इसका उपयोग किस लिए किया जाता है!

बैंगलोर की एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर मंजू बाशा ने बतायाा कि, “हाल ही में, 6-7 महीने पहले, मेरे एक दोस्त ने मुझे ‘मेंस्‍ट्रुअल कप ‘ के कॉन्सेप्ट  के बारे में बताया”। अब मुझे नैपकिन को छिपाने या किसी दुकानदार से खरीदने या उनके फेंकने के बारे में परेशान होने की जरूरत नहीं पड़ती है। पीरियड्स के दौरान, मैं स्विमिंग भी कर सकती हूं! इस सब से अधिक, अब मैं संतुष्ट हूं कि मैं बायो वेस्ट डिस्पोज नहीं कर रही हूं और एनवायरनमेंट को बचाने में अपना योगदान दे रही हूं।

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