What Is Myositis? सामंथा रूथ प्रभु हुईं इस बीमारी का शिकार

Vaishali Garg
01 Nov 2022
What Is Myositis? सामंथा रूथ प्रभु हुईं इस बीमारी का शिकार

What is Myositis: सामंथा रूथ प्रभु ने शनिवार को सोशल मीडिया पर शेयर किया कि वह मायोसिटिस नामक एक ऑटोइम्यून बीमारी से पीड़ित हैं। ऐक्ट्रेस ने एक नोट में खुलासा किया कि वह इस समय अंडर ट्रीटमेंट है।

मायोसिटिस क्या है?

मायोसिटिस मांसपेशियों की पुरानी, ​​​​प्रगतिशील सूजन का एक जनरल डिस्क्रिप्शन है। कुछ प्रकार के मायोसिटिस त्वचा पर रैशेस से भी जुड़े हैं। लक्षण समय के साथ तेजी से या धीरे-धीरे प्रकट हो हैं। प्राथमिक लक्षणों में मांसपेशियों में दर्द, थकान, निगलने में परेशानी और सांस लेने में कठिनाई शामिल है।

हेल्थलाइन के अनुसार, पुरुषों की तुलना में महिलाओं में इस बीमारी से प्रभावित होने की संभावना अधिक होती है। मायोजिटिस 5 प्रकार के हैं: डर्माटोमायोसिटिस, समावेश-शरीर मायोजिटिस, किशोर मायोजिटिस, पॉलीमायोसिटिस और विषाक्त मायोजिटिस।

जानिए समांथा ने क्या कहा इस बीमारी को लेकर

सामंथा ने एक नोट के साथ अस्पताल से एक तस्वीर अपलोड की, जिसमें लिखा था, “कुछ महीने पहले, मुझे मायोसिटिस नामक एक ऑटोइम्यून स्थिति का पता चला था। मैं इसे ठीक हो जाने के बाद इसे शेयर करने की उम्मीद कर रही थी। लेकिन यह मेरी अपेक्षा से थोड़ा अधिक समय ले रही है।”

उन्होंने आगे कहा, "मैं धीरे-धीरे महसूस कर रही हूं कि हमें हमेशा मजबूत  बनाने की जरूरत नहीं है। अपनी स्थिति को स्वीकार करना एक ऐसी चीज है जिससे मैं अभी भी जूझ रही हूं। डॉक्टरों को भरोसा है कि मैं बहुत जल्द पूरी तरह से ठीक हो जाऊंगी। मेरे अच्छे दिन और बुरे दिन रहे है, शारीरिक और भावनात्मक रूप से, और यहां तक ​​कि जब ऐसा लगता है कि मैं इसे एक और दिन नहीं संभाल सकती तब किसी तरह वह क्षण बीत जाता है। मुझे लगता है कि इसका मतलब केवल यह हो सकता है कि मैं ठीक होने के एक दिन और करीब हूं।”

क्या मायोसिटिस का इलाज है?

मायोसिटिस का इलाज करने वाली कोई स्पेशल दवाएं नहीं हैं। इस बीमारी को ठीक करने के लिए डॉक्टर को कई प्रकार की दवाओं का यूज़ करना पड़ता है पेशंट को ठीक करने के लिए। अपने चिकित्सक के साथ काम करें जब तक कि आपको बैटर फील न होने लगे। शारीरिक उपचार, व्यायाम, स्ट्रेचिंग और योग मांसपेशियों को मजबूत और लचीला बनाए रखने और मांसपेशी शोष को रोकने में मदद कर सकते हैं, इसलिए अपने दैनिक जीवन में शारीरिक गतिविधि को शामिल करें फिर चाहे सुबह थोड़ी देर कहीं घूम के आना हो या फिर दिन में खाने के बाद टहलने जाना हो आदि। 

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