हंसी के पीछे का स्ट्रगल: राजपाल यादव का स्टारडम, परिवार और उतार-चढ़ाव भरा सफर

राजपाल अपने फॅमिली को लेकर काफी इमोशनल माने जाते हैं। इंटरव्यू में वे कई बार कह चुके हैं कि स्ट्रगल के दिनों में फॅमिली का साथ ही उनकी सबसे बड़ी ताकत रहा।

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Dimpy Bhatt
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rajpal yadav struggle behind laughter stardom family journey

Photograph: (Instagram / rajpalofficial)

बड़ी कॉमिक टाइमिंग और अनोखी आवाज़—राजपाल यादव ने बॉलीवुड में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। जब भी 2000 के दशक की कॉमेडी फिल्मों की बात होती है, तो उनका नाम अपने आप सामने आ जाता है। ‘हंगामा’, ‘चुप चुप के’, ‘भूल भुलैया’, ‘गरम मसाला’ और ‘फिर हेरा फेरी’ जैसी फिल्मों में उनके करैक्टर आज भी ऑडियंस को हंसने पर मजबूर कर देते हैं। लेकिन उनकी कहानी सिर्फ हंसी तक सीमित नहीं है। इसमें स्ट्रगल, फॅमिली और विवादों का भी एक लंबा दौर शामिल है।

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हंसी के पीछे का स्ट्रगल: राजपाल यादव का स्टारडम, परिवार और उतार-चढ़ाव भरा सफर

छोटे शहर से बड़े पर्दे तक

उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर से ताल्लुक रखने वाले राजपाल यादव ने अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत थिएटर से की। उन्होंने लखनऊ के भारतेन्दु नाट्य अकादमी और फिर नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) से ट्रेनिंग लि। ये ट्रेनिंग उनके एक्टिंग की गहराई में साफ नजर आता है।

फिल्मों में उनका शुरुआती दौर आसान नहीं था। छोटे-छोटे रोल, लिमिटिड स्क्रीन टाइम और लगातार ऑडिशन—इन्हीं के बीच उन्होंने खुद को साबित किया। धीरे-धीरे उनकी कॉमिक टाइमिंग और इनोसेंट स्टाइल ऑडियंस को पसंद आने लगा। जल्द ही वे ‘कॉमिक सीन चुराने वाले’ कलाकार के तौर पर पहचाने जाने लगे।

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स्टारडम का दौर

2000 से 2010 के बीच राजपाल यादव बॉलीवुड की लगभग हर दूसरी कॉमेडी फिल्म का हिस्सा थे। वे सिर्फ साइड कैरेक्टर नहीं रहे, बल्कि कई बार उनकी प्रजेंस फिल्म की जान बन गई।

उनकी स्पेशिलिटी ये रही कि वे ओवरएक्टिंग से बचते हुए भी ऑडियंस को हंसा देते थे। उनके किरदार अक्सर आम आदमी से जुड़े होते थे—डरपोक, मासूम, चालाक या सिचुएशन में फंसा हुआ इंसान। यही वजह रही कि ऑडियंस उनसे जुड़ाव महसूस करते थे।

हालांकि, टाइम के साथ फिल्मों का ट्रेंड बदला। मल्टी-स्टारर कॉमेडी की जगह कंटेंट-ड्रिवन सिनेमा और नई कॉमिक शैली ने ले ली। इस बदलाव का असर उनके करियर पर भी पड़ा और स्क्रीन पर उनकी मौजूदगी कम होने लगी।

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फैमिली लाइफ: निजी जिंदगी की झलक

राजपाल यादव की परोसनल लाइफ भी उतार-चढ़ाव से भरी रही है। उनकी पहली पत्नी का निधन हो गया था, जिसके बाद उन्होंने दूसरी शादी की। उनकी पत्नी राधा यादव अक्सर उनके साथ पब्लिक इवेंट्स में नजर आती हैं।

राजपाल अपने फॅमिली को लेकर काफी इमोशनल माने जाते हैं। इंटरव्यू में वे कई बार कह चुके हैं कि स्ट्रगल के दिनों में फॅमिली का साथ ही उनकी सबसे बड़ी ताकत रहा। आज वे एक रेस्पोंसिबल फादर और हस्बैंड की रोले निभा रहे हैं, और फिल्मों के साथ-साथ परिवार को भी बराबर महत्व देते हैं।

आज का राजपाल यादव

आज राजपाल यादव पहले जैसे लगातार फिल्मों में नजर नहीं आते, लेकिन जब भी स्क्रीन पर आते हैं, अपना अलग इम्प्रैशन छोड़ते हैं। वे ओटीटी प्लेटफॉर्म और सिनेमा में भी काम कर रहे हैं।

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उनकी कहानी यह दिखाती है कि स्टारडम परमानेंट नहीं होता, लेकिन टैलेंट और पैशन इंसान को बार-बार खड़ा कर सकता है। राजपाल यादव सिर्फ एक कॉमिक एक्टर नहीं, बल्कि स्ट्रगल, सक्सेस और सीख का नाम हैं—जो हर दौर में खुद को नए सिरे से रीडिफाइन करने की कोशिश करते रहे हैं।

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