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जानिए क्यों आयोजित करनी चाहिए हमें प्लास्टिक फ्री शादियां ?

Published by
Ayushi Jain

आजकल शादियों का सीजन ज़ोरों पर है और हम सब जानते है की शादियाँ मतलब बहुत सारा ताम-झाम और प्लास्टिक के कचरे का बहुत सारा ढेर । आजकल शादियों में जितनी पैसों की बर्बादी होती है उससे कई ज़्यादा बर्बादी होती है पर्यावरण की भी । आजकल की शादियाँ बस शोशेबाज़ी की ही रह गई है । आज जहाँ पर्यावरण पूरी तरह से नष्ट होने की कगार पर है वहाँ आज ऐसी शोशेवाली शादियाँ करना जो सिर्फ पर्यावरण को नष्ट करती है जिससे प्रकृति के साथ खिलवाड़ होता है । आइये जानते है हम आजकल प्लास्टिक के बिना और कम शोशेवाली शादियों को कैसे समाज में प्रोत्साहित कर सकते हैं।

डिस्पोजेबल प्लास्टिक का इस्तेमाल शादियों में पूरी तरह से बंद कर दिया जाना चाहिए

शादियों में ज़्यादातर खान-पान के लिए लोग प्लास्टिक के डिस्पोजेबल का इस्तेमाल करते हैं जो की बिलकुल गलत हैं  डिस्पोसब्लेस को लोग एक बार इस्तेमाल करके फेंक देते हैं और दोबारा खाने के लिए नए डिस्पोजेबल लिए जाते हैं जिससे प्लास्टिक कचरे के रूप में बढ़ता ही जाता हैं और ये बिलकुल भी सही नहीं हैं ।

आज जहाँ पर्यावरण पूरी तरह से नष्ट होने की कगार पर है वहाँ आज ऐसी शोशेवाली शादियाँ करना जो सिर्फ पर्यावरण को नष्ट करती है जिससे प्रकृति के साथ खिलवाड़ होता है ।

सिंगल यूज़ कटलरी का इस्तेमाल बंद होना चाहिए

प्लास्टिक डिस्पोजेबल की जगह पर स्टील कटलरी इस्तेमाल करनी चाहिए जिससे पर्यावरण में कम नुक्सान हो । स्टील कटलरी सिंगल यूज़ कटलरी नहीं होती इसे धोकर बार -बार इस्तेमाल किया जा सकता हैं और इससे कचरा बिलकुल ही ना के बराबर होता हैं ।

लोगो को तोहफे में पौधे देने चाहिए

शादी में बहुत सारे मेहमान आते हैं और उन्हें शादी की यादगिरी के तौर पर शादी समारोह में एक अनोखी भेंट के रूप में पौधे उपहार में देने चाहिए । इससे यह एक अनोखा तोहफा रिश्तो में प्यार और अपनेपन के बीज बोता हैं और तो और नव -विवाहित जोड़े को उनके मेहमानो द्वारा खूब सारा आशीर्वाद और प्यार भी मिलेगा ।

शादियों में बायोडीग्रेडेबल चीज़ो का ही इस्तेमाल करना चाहिए

बायोडीग्रेडेबल चीज़े शादी में प्लास्टिक के कचरे को कम करने में मदद करती हैं और तो और पर्यावरण को स्वच्छ रखने में भी मदद करती हैं । पर्यावरण में  बायोडीग्रेडेबल चीज़े जल्द ही रीसायकल हो जाती हैं जिससे पर्यावरण को बिलकुल नुक्सान नहीं होता हैं ।

आजकल के युवा बहुत समझदार हैं वो जानते हैं की प्लास्टिक हमारे लिए और हमारी आनेवाली पीडियों के लिए कितना नुकसानदायक  है । आजकल के लोग जानते हैं की पर्यावरण का बचाव करना कितना ज़रूरी हैं । पर्यावरण हम सब के लिए बहुत ज़रूरी हैं और उसकी रक्षा करना हमारा फ़र्ज़ हैं ।

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