‘स्टेटस ऑफ़ वीमेन इन इंडिया’ रिपोर्ट के मुताबिक कुल कामकाजी महिलाओं में से 10 प्रतिशत महिलाओं को, जहाँ वे काम करती हैं, वहां सेक्सुअल हर्रास्मेंट का सामना करना पड़ता है। यह रिपोर्ट बताती है कि भारत में कुल 44.8 प्रतिशत महिलाऐं काम करती हैं, और भारत में 37.14 प्रतिशत महिलाऐं हेल्थ इश्यूज का सामना कर रहीं हैं। यह रिपोर्ट दृष्टि स्त्री प्रभोधन अध्ययन केंद्र (विमेंस स्टडी सेंटर) द्वारा पिछले दो साल में बनाई गयी है।

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आइये इस रिपोर्ट के बारे में और जानकारी प्राप्त करते हैं:

करीब 80 प्रतिशत महिलाओं ने ही बैंक में अकाउंट खोल रखा है।

  1. इस रिपोर्ट के मुताबिक, 23 प्रतिशत महिलाऐं 18 साल की उम्र से पहले ही शादी कर लेती हैं।
  2. रिपोर्ट में यर्ह भी बताया गया है कि जहाँ आर्यभट्ट के बारे में इतना कुछ लिखा गया है, उनकी बेटी लीलावती, जो की एक महान मैथेमैटिशियन थीं, उनके बारे में किसीको ज़्यादा नहीं पता।
  3. 44 प्रतिशत महिलाओं को अर्थराइटिस होता है।
  4. महिलाऐं बताती हैं कि काम करने की जगह पर कोई क्रेच, कैंटीन, आने-जाने की व्यवस्था या फिर वाशरूम्स नहीं होते।
  5.  यह रिपोर्ट बताती है कि अब महिलाऐं पॉलिटिक्स में पहले से 40 प्रतिशत ज़्यादा भाग ले रहीं हैं।
  6. जहाँ जम्मू-कश्मीर में 78 प्रतिशत महिलाऐं बॉर्डर पार होने वाली फायरिंग की वजह से असुरक्षित महसूस करतीं हैं, वहीं पश्चिम बंगाल में 39 प्रतिशत महिलाऐं सांप्रदायिक अत्याचारों की वजह से असुरक्षित महसूस करतीं हैं।
  7. पाठ्यक्रम में भी महिलाओं की भागीदारी बेहद कम व गैर प्रभावशाली है। इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, महिला लेखिकाओं के द्वारा लिखा गया सिर्फ 28 प्रतिशत कंटेंट ही कक्षा VI से VIII की किताबों में है। कक्षा IX की किताबों में भी महिला लेखिकाओं के द्वारा लिखा गया कंटेंट सिर्फ 6.8 प्रतिशत ही है।
  8. करीब 80 प्रतिशत महिलाओं ने ही बैंक में अकाउंट खोल रखा है।

यह तो थी हमारे देश में महिलाओं की हालत, जो हमें एक रिपोर्ट से पता चलती है। अब आगे, इस स्थति को संवारने के लिए, क्या कदम उठाएंगे आप?

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