पीरियड्स। वह शब्द, जिसे न जाने कितने ही नामों से पुकारा जाता है – मेंसेस, डाउन होना, महीने का ‘वो’ वक़्त – और ना जाने कितने नाम हैं इसके। लेकिन, मज़े की बात तो यह है, कि इतने नाम होने के बावजूद भी इसे हमारे समाज में, हमारी सोसाइटी में कभी किसी ने इसे स्वीकार नहीं किया। हाँ अब इसे लेकर समाज में थोड़ी जागरूकता हुई है, लेकिन अभी भी सब लोग इसे स्वीकार करें व इसके बारे में खुल कर बात करें, इसके लिए हमें और आपको मिल कर एक लंबा सफर तय करना है।

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आइये जानते हैं पीरियड्स से जुड़े कुछ मिथ, और उनके पीछे छुपे सच:

  1. पीरियड्स सिर्फ औरतों को होते हैं: ज़्यादातर लोग यही मानते हैं कि पीरियड्स सिर्फ औरतों को होते हैं। लेकिन, ये सच नहीं है। कई बार ट्रांसजेंडर आदमियों को भी पीरियड्स होते हैं, तो वहीं कई ट्रांसजेंडर महिलाएं हैं जिन्हे पीरियड्स नहीं होते। यह कहना गलत है कि पीरियड्स सिर्फ औरतों को होते हैं।
  2. पीरियड्स में आने वाला खून गंदा खून होता है: आपने भी सुना होगा न किसी न किसी को कहते हुए कि पीरियड्स में आने वाला खून गंदा खून होता है? अगर हाँ, तो आज ये भी जान लीजिये की इसे ‘गंदा खून’ कहने के बजाए यूँ  समझा जा सकता है कि यह बस वेजाइना से निकलने वाली एक सेक्रेशन हैं, जिसमे यूरिन, थोड़ा ब्लड, यूटेरस में जमा म्यूकस, और बैक्टीरिया होता है।
  3. पीरियड्स में नहाना नहीं चाहिए या सर नहीं धोना चाहिए: काफ़ी लोग ऐसा मानते हैं, और यह बिलकुल गलत है। आपको जानकार हैरानी होगी कि पीरियड्स के वक़्त थोड़े गरम पानी से नहाने से पीरियड्स में होने वाले क्रैम्प्स व पीरियड्स से पहले होने वाली टेंशन से आराम मिल सकता है।
  4. पीरियड्स के समय स्विमिंग नहीं करनी चाहिए: पहले के समय में ऐसा माना जाता था क्योंकि तब पैड्स, टेम्पॉन्स यह सब नहीं होते थे। लेकिन आजकल, पीरियड्स में स्विमिंग करना बिलकुल सुरक्षित है। और जहाँ तक रही बात पानी गंदा होने की, अगर पानी पीरियड्स के खून से गंदा होता है तो यूरिन से भी होता है।
  5. ऐसे में एक्सरसाइज नहीं करनी चाहिए: पीरियड्स में एक्सरसाइज की जा सकती है, और यही नहीं, पीरियड्स में एक्सरसाइज करने से दर्द में भी आराम मिलता है।
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