किसी व्यक्ति की सेक्सुअलिटी उसके व्यवहार, बर्ताव या चरित्र का मापदंड बिल्कुल नही होता है पर फिर भी हम अक्सर मज़ाक मज़ाक मे अपनी कम जानकारी के कारण किसी अन्य सेक्सुअलिटी के व्यक्ति की भावनाओ को ठेस पहुंचा देते है। बायसेक्सुअलिटी भी उन्ही मे से सेक्सुअलिटी का हिस्सा है जिसे लेकर हम सभी को मुख्यतः कम जानकारी होती है। आइये जानते है बायसेक्सुअलिटी बारे मे खास 5 बातें।

1. बायसेक्सुअल ट्रांसजेंडर अलग अलग:

अक्सर लोग बायसेक्सुअल को ट्रांसजेंडर समझ कर उनसे अलग व्यवहार करते है जबकि ये दोनो बिल्कुल अलग है। ट्रांसजेंडर लैंगिक रूप से खुद को पूर्ण करने के लिए अपने शरीर मे बदलाव लाते है जबकि बायसेक्सुअल ऐसे नही होते।

2. गे-लेस्बियन से अलग:

गे व लेस्बियन लोग अपने अपने लिंग के लोगो की ही तरफ आकर्षित होते है। बाय सेक्सुअल सभी जेंडर से आकर्षित हो सकते है। बाय सेक्सुअल गे-लेस्बियन से अलग होते है और इनमे कोई समानता नहीं है।

3. सब की ओर आकर्षित नहीं होते:

परिभाषा के अनुसार बायसेक्सुअल लोग अन्य जेंडर की ओर आकर्षित हो सकते हैं परंतु यह जरूरी नहीं है कि बायसेक्सुअल हमेशा ही अन्य जेंडर की ओर आकर्षित हो। कभी-कभी वे किसी एक जेंडर की तरफ ही आकर्षित हो सकते हैं।

4. बायसेक्सुअलिटी बीमारी नही है:

अक्सर समाज में जब कोई अपनी बायसेक्सुअलिटी के बारे में खुल के बात करता है तो लोग उसे बीमार या पागल कह कर नकार देते है जब कि ऐसा कुछ भी नहीं है।

5. आचरण से होते हैं आकर्षित:

जरूरी नहीं है कि बायसेक्सुअल लोग किसी एक या दो लिंग की ओर आकर्षित हो। वे अक्सर सामने वाले व्यक्ति के आचरण व व्यवहार से आकर्षित होते हैं।

किसी की ओर आकर्षित होने के लिए किसी मापदंड या पैमाने का होना जरूरी नहीं है। अक्सर हम अच्छे व्यवहार, बर्ताव व आचरण की ओर आकर्षित हो जाते हैं और किसी रिश्ते की बुनियाद सेक्सुअलिटी या किसी अन्य मापदंड की नींव पर नहीं होनी चाहिए। एक रिश्ते में प्यार जरूरी है ना कि सेक्सुअलिटी

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