एक महिला को कितनी बार कहा गया है कि वह चुप हो जाए क्योंकि वह गलत है, बल्कि इसलिए कि वह एक महिला है? भारतीय पॉलिटिशंस – चाहे वह 56 इंच की छाती वाला नेता हो या विपक्ष का कोई नेता – महिलाओं पर हमला करने और उन्हें अपमानित करने का कोई मौका नहीं छोड़ता। और यह सार्वजनिक रैलियों, प्रेस मीट और यहां तक ​​कि सोशल मीडिया पर भी होता है। आइये आज जानते है 2020 में कब -कब 5 बार राजनेताओं ने महिलाओं को सार्वजनिक रूप से शर्मसार किया।

  1. यदि आप एक्टिंग / डांस / मॉडल करते हैं, तो आपको देश की पॉलिटिक्स पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है।

बीजेपी लीडर गोपाल भार्गव ने दीपिका पादुकोण के जेऍनयू विजिट पर यह कमेंट किया था। दीपिका पादुकोण ने सार्वजनिक रूप से सेक्सिस्म का सामना किया। बता दें कि उनके पास पर्याप्त विशेषाधिकार हैं और उसके पास किसी भी कानूनी कार्रवाई के लिए रिसोर्सेज भी हैं। उन्होंने बहादुरी के साथ इस जाइब का सामना किया।

  1. यदि आपका यौन उत्पीड़न किया जाता है, तो आपको मर जाना चाहिए क्योंकि आपकी रेस्पेक्ट आपके वजाइना में होती है

केपीसीसी के अध्यक्ष मुल्लापल्ली रामचंद्रन ने कहा, “इस महिला ने रोते हुए कहा था कि पूरे राज्य ने उसके साथ बलात्कार किया है। हम समझ सकते हैं कि एक महिला एक बार यौन शोषण का शिकार हो सकती है। लेकिन अगर यह दोहराया जाता है, तो अपने आत्मसम्मान के लिए कोई भी महिला या तो आत्महत्या कर लेगी या फिर ऐसा कुछ भी दोबारा होने से रोकने की कोशिश करेगी। लेकिन यह महिला कहती रही है कि उसके साथ बार-बार दुर्व्यवहार किया गया है।

  1. यदि आपके साथ बलात्कार हुआ है, तो इसका मतलब है कि आपके पास अच्छे मूल्यों की कमी है।

सुरेंद्र सिंह बलिया से बीजेपी के MLA ने हथरस केस में यह कमेंट किया था। मूल रूप से, यौन हमले, बलात्कार या यौन उत्पीड़न के लिए कोई भी पीड़ित खुद जिम्मेदार है क्योंकि आपके पास अच्छी वैल्यूएस की कमी है। बलात्कारी कंसेंट और कम्युनिकेशन के लिए जिम्मेदार नहीं है।

  1. यदि आपकी आलोचना की जाती है, तो आपको अक्षम कहे जाने की बजाय एक गरीब आशाहीन महिला कहा जाएगा।

रिपब्लिक वर्ल्ड के माध्यम से एक रिपोर्ट में, इससे पहले, संसद के विंटर सेशन के दौरान, कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी ने वित्त मंत्री सीतारमण के खिलाफ एक पर्सनल कमेंट किया। अर्थव्यवस्था पर चर्चा करने के बजाय, चौधरी ने खुद निर्मला सीतारमण पर हमला करने का सहारा लिया। चौधरी ने कहा था, “हम आपका बहुत सम्मान करते हैं। लेकिन हालातों को देखते हुए, कभी-कभी मुझे ऐसा लगता है कि निर्मला सीतारमण की जगह आपको  निर्बाला सीतारमण ’(शक्तिहीन) कहना चाहिए।

  1. अगर कोई आपको बलात्कार करते हुए नहीं देखता है, तो इसका मतलब है कि आपका बलात्कारी के साथ पहले से ही संबंध था।

बीजेपी लीडर रणजीत श्रीवास्तव ने यह कमेंट किया था। खैर, इस बयान को सुनकर हम स्पीचलेस फील कर रहे हैं। लेकिन क्या एक तर्क को स्वीकार करने के लिए शब्दों की एक कड़ी है जो इस भाजपा नेता को बता सकती है कि बलात्कार का पीड़िता के साथ कोई संबंध नहीं है? लेकिन पीड़िता के जीवन को सबसे अधिक नष्ट कर देता है।

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