असम के महिला सेल्फ हेल्प ग्रुप ने COVID-19 से लड़ने के लिए मास्क बनाये। समूह ने उनका नाम ‘असोमी’ रखा है और वो राज्य भर में मास्क बेच और डिस्ट्रीब्यूट कर रहे है। 10,600 से अधिक महिला एसएचजी ने 51.23 लाख से अधिक फेस मास्क बनाए हैं, जिनमें से 31,71,314 मास्क बेचे गए हैं।

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असम महिला SHG मास्क बनाते हैं

COVID-19 को रोकने के लिए, आज सबसे ज़्यादा ज़रूरी चीज़ हैं सैनिटाइज़र और फेस मास्क। लेकिन कड़वा सच यह है कि इन चीजों की फिलहाल मार्किट में कमी है। इसलिए, असम की इन महिला एसएचजी ने मास्क सिलाई शुरू की और उन्हें मुफ्त में बाँटने का निर्णय लिया है।

असम के महिला सेल्फ हेल्प ग्रुप ने COVID-19 से लड़ने के लिए मास्क बनाये। समूह ने उनका नाम ‘असोमी’ रखा है और वो राज्य भर में मास्क बेच और डिस्ट्रीब्यूट कर रहे है।

मास्क कैसे बांटे

समूह ने ‘असोमी’ ब्रांड नाम के साथ पूरे राज्य में 84 स्टॉल लगाए हैं। ग्रुप ने कुल मिलाकर 31,71,314 मास्क बेचे हैं और 7.15 करोड़ की कमाई की है।

उसी ग्रुप ने कम से कम चार लाख से अधिक मास्क उन लोगों में फ्री में बांटे हैं जो इन्हे अफ़्फोर्ड नहीं कर सके।

असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने SHG महिलाओं से मुलाकात की

असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने महिला एसएचजी की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का एक दौरा किया और उनकी एक्टिविटीज को भी देखा। उन्होंने उन्हें(महिला एसएचजी) को राज्य में इन इकनोमिक प्रयासों को जारी रखने के लिए प्रोत्साहित
भी किया।

उसी ग्रुप ने कम से कम चार लाख से अधिक मास्क उन लोगों में फ्री में बांटे हैं जो इन्हे अफ़्फोर्ड नहीं कर सके।

मुख्यमंत्री ने लोगों से अनुरोध किया कि वे घबराएं नहीं क्योंकि इस ग्लोबल पान्डेमिक के खिलाफ लड़ाई में हमारा एकजुट रहना ही जीत ला सकता है। गुवाहाटी में लगभग 15 लोगों ने बुधवार को COVID-19 के लिए पॉजिटिव टेस्ट किया।

भारत में तकरीबन 1.12 लाख लोग कोरोना वायरस पॉजिटिव पाए गए हैं.

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