बच्चों को गलत शब्दों के प्रयोग से बचानें के लिए अपनाएं ये 6 टिप्स

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Nayan yerne

बच्चे कब और किस बात को सीख रहे होते हैं, यह हम बड़ों के लिए जानना बहुत मुश्किल है। हम समझते हैं कि वे छोटे हैं या उन्हें अभी कुछ समझ नहीं। यह सोच बिल्कुल गलत है। भले उनमें समझ अभी कुछ कम है, लेकिन वे अपने आस-पास होने वाली सभी गतिविधियों को सुनते जरूर हैं, खासकर गलत बातों को। गलत शब्द हमेशा से ही बच्चों को ज्यादा आकर्षित करते हैं। इसलिए बच्चों पर नजर रखना बहुत जरूरी है। आइए जानते हैं बच्चों को गलत शब्दों से बचानें के टिप्स (bacchon ko galat shabdo se bachane ke tips)।

जानिए बच्चों को गलत शब्दों के प्रयोग से बचानें के ये 6 टिप्स (bacchon ko galat shabdo se bachane ke tips)

1. डांटे नहीं

छोटे बच्चे भी अपनी बेइज्जती महसूस करते हैं। जब उन्हें इस बात का अहसास ही नहीं है कि जो उन्होंने बोला वह सही है या गलत तो आप उन्हें इस बात के लिए डांट कैसे सकते हैं। वैसे तो हमारी कोशिश यही होनी चाहिए कि बच्चे के सामने किसी भी प्रकार से गलत शब्द न बोले जाएं। पर फिर भी किसी बाहरी प्रभाव के कारण अगर बच्चे ने गलत शब्द बोले भी हैं तो उसे सबके समाने डांटें नहीं। कई बार आपकी डांट के कारण भी वे जिद्दी बन जाते हैं और आपके सामने नहीं, लेकिन आपके पीछे जरूर इन शब्दों को दोहराते हैं।

2. जिन शब्दों को नहीं सुनना चाहते, उन पर रिएक्शन न दें

अगर बच्चा गाली के अलावा अन्य शब्दों, जिन्हें हम आम-बोलचाल में इस्तेमाल नहीं करते, जैसे कि पॉटी-सुसु आदि का इस्तेमाल शुरू करे, तो इन पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत नहीं है। बच्चा हमारी प्रतिक्रियाओं का आंकलन कर ऐसे शब्दों को बार-बार दोहराते हैं। कई बार माता-पिता ही दूसरों को बच्चे की इन बातों को काफी रोचक तरीके से बताते हैं, जिससे बच्चे को लगता है कि उसने कोई बहुत बड़ा काम किया है। और नतीजतन बच्चा बार-बार इन शब्दों को इस्तेमाल करता है। भले आपने ऐसे शब्दों को गलत तरीके से कभी इस्तेमाल नहीं किया, लेकिन आपकी प्रतिक्रिया देने के बाद बच्चा जरूर इन शब्दों को दोहराता है।

3. ढूंढे गलत शब्द सीखने का सोर्स (Source)

आपका बच्चा अगर कोई गलत शब्द प्रयोग करता भी है तो यह सोचने वाली बात है कि उसने यह सीखा कहां से। अगर आपके घर-परिवार में कोई गलत शब्द का प्रयोग नहीं करता तो फिर जरूर किसी और माध्यम से बच्चे ने यह सीखा है। हो सकता है, उसके कार्टून या टीवी पर आने वाले कार्यक्रमों से वह यह शब्द सीख रहा हो। कई ऐसे कार्टून्स भी होते हैं, जिनसे बच्चे बड़ों की शब्दावली सीखते हैं। वे ठीक वैसे ही बात करने लगते हैं, जैसे बड़े लड़के-लड़कियां बोलते हैं। ऐसे में जरूरी है कि आप अपनी निगरानी में ही बच्चे को मोबाइल फोन, टीवी आदि देखने दें।

4. बच्चे का ध्यान बदलने की कोशिश करें

छोटे बच्चों को अगर आप किसी भी तरह कुछ भी समझा नहीं पा रहे, तो सबसे बढि़या विकल्प यही है कि उनका ध्यान बदल दें। आप उन्हें किसी और चीज में व्यस्त कर देंगे तो वे पहली बात को भूल जाते हैं। लेकिन ध्यान रहे गलत शब्द उनके जेहन में जा चुका है, इसीलिए दोबारा कभी भी सुनने पर वे उसका प्रयोग कर भी सकते हैं। ऐसे में बेहतर होगा कि आप सही वक्त देख कर उन्हें इस बारे में आराम से समझाएं। बच्चों को गलत शब्दों से बचानें के टिप्स का ये सबसे बेहतर टिप्स है। 

5. सही-गलत का फर्क बताएं

बच्चे के लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि जो शब्द उसने बोला वह गलत है। अगर आप उसे शब्द का सही अर्थ नहीं बता सकते या वे अभी नहीं समझ सकते, तो भी उसे यह बताएं कि उसने जो बोला वह गलत है और उसे इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। इसके साथ ही जब भी आपका बच्चा अच्छे शब्दों का प्रयोग करे तो उसे शाबाशी देने से भी संकोच न करें।

6. गलत शब्द के लिए सही शब्द का प्रयोग सीखाएं

अगर किसी वजह से बच्चे ने गलत शब्द बोल भी दिया है तो आप उसके स्थान पर उसे सही शब्द का इस्तेमाल करना सीखाएं। इसके अलावा कई बार बच्चे गुस्सा होने पर गाली जैसे अपशब्दों का इस्तेमाल करते हैं, क्योंकि उन्होंने देखा होता है कि गुस्सा आने पर गाली दी जाती है। ऐसे में माता-पिता बच्चे को गुस्से के दौरान सही शब्दों का इस्तेमाल जरूर सीखाएं। जैसे कि वे अपने गुस्से का सही कारण बताएं न कि दूसरों को गाली दें।

हम जानते हैं कि माता-पिता के लिए छोटे बच्चों का गलत शब्दों का प्रयोग करना काफी शर्मनाक हो सकता है। लेकिन अगर आप आज अपने बच्चे को नहीं समझेंगे और उसे सही-गलत का फर्क समझाएंगे तो आने वाले कल में न जाने आपको कितने ही ऐसे मौकों का सामना करना होगा। बेहतर यही है कि हम अपने बच्चों की शब्दावली में खूबसूरत शब्दों को सजाएं और गलत या अपशब्दों को बाहर करें। बच्चों को गलत शब्दों से बचानें के टिप्स फॉलों करने से आपका काम और भी आसान हो सकता है। 

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