बच्चों को सजा देने के 7 तरीके

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Nayan yerne

जैसा कि हम जानते हैं ,कि बच्चों को डिसिप्लिन में रखने के लिए सजा देना जरूरी होता है |परंतु उन्हें क्या सजा दी जा रही है ,यह उससे ज्यादा जरूरी होता है। आपको यह पता होना चाहिए कि आपका बच्चा जो कि बिगड़ चुके हैं |या आपकी बात नही मानता हैं तो उन्हें सही करने के लिए  आपको उन्हें क्या सजा देनी चाहिए ताकि वह ठीक भी हो जाए और उसे कोई नुकसान भी ना पहुंचे।

अगर बच्चे को जब तक सही और गलत के बीच के अंतर का पता नहीं चलेगा तो आगे चलकर उन्हें अपनी एजुकेशनल , प्रोफेशनल और साइकोलॉजिकल जिंदगी में बहुत दिक्कतें आती हैं। 

तो आइए जानते हैं बच्चों को सजा कैसे दें |

1. मनपसंद चीजों पर रोक

 इस सजा में आप अपने बच्चों के गलती करने पर उनकी सबसे मनपसंद चीज 7 या 8 दिन के लिए रोक सकते हैं।जैसे यदि आपका बच्चा सही ढंग से पढ़ाई नहीं कर रहा है |और परीक्षा में उसके नंबर काम आते हैं तो आप उसका वीडियो गेम 7 या 8 दिन के लिए उसे ना दे। जब तक कि वह आपकी बात मान कर सही से पढ़ना ना चालू कर दे।

2. उससे नुकसान की भरपाई करवाएं

अगर आपके बच्चे किसी के साथ कुछ गलत करते हैं तो उन्हें उसकी भरपाई करने के लिए कहा जाना चाहिए। फिर चाहे फाइन देना हो या फिर कोई काम करना हो आदि।आप अपने बच्चों को यह सिखाएं कि जब वह कुछ गलती करते हैं ,तो उन चीजों को कैसे सही करें। खास करके जब वह किसी प्रॉपर्टी या फिर किसी बड़ी चीज को नुकसान पहुंचाते हैं।

3.नेचुरल रिजल्ट को अपनाएं

आप अपने बच्चों को सिखाएं कि गलती होने से पहले खुद रिजल्ट जाने |जैसे अगर वे सारा दिन घर पर बैठकर ही वीडियो गेम खेलते हैं |तो ना तो उनके दोस्त बनेंगे और ना ही उनकी पढ़ाई पूरी होगी।इससे उनको खुद को नुकसान होगा या फिर ठंड में अगर वे आपके कहने पर भी गर्म कपड़े पहन कर नहीं जाते हैं |तो उन्हें ठंड लगेगी और वे बीमार पड़ जाएंगे जिससे वे इस बात से सबक लेकर अपने आप ही ठंड में गर्म कपड़े पहन कर जाएंगे। इसलिए आप पहले अपने बच्चे को सलाह दे और मानना या ना मानना उन पर छोड़ दे।

बाद में जब उन्हें अपनी गलती का एहसास हो तब आप उन्हें यह बात समझाएं कि उन्हें गलत काम करने से पहले ही एक बार उसके रिजल्ट के बारे में सोच लेना चाहिए।

उदहारण के तौर पर जब आपका बच्चा खाना खाने से मना कर रहा हो| और गेम खेल रहा हो तब आप उसे खाने की 2-3 बाईट खुद से खिलाये और उसे वही रहने दे। जब वह बाद में ठंडा खाना खायेगा तब उसे अपने आप सजा भी मिल जाएगी और वह डिसिप्लिन में भी रहना सीख जाएगा।

4. अपने बच्चे पर कुछ पाबंदी लगाए

जैसे-जैसे बच्चे बड़े होते हैं तब वे अपने आसपास के लोगों से और अपने दोस्तों के साथ एक अच्छा रिलेशनशिप बना लेते हैं| व दिन का ज्यादातर समय वे उनके साथ ही बिताते हैं। अगर आप अपने बच्चों का उनके दोस्तों के साथ थोड़े समय के लिए मिलना जुलना बंद कर दे |तो यह आपके बच्चे के लिए सजा के बराबर ही होगा।

जैसे कि आप उन्हें किसी की बर्थडे पार्टी या कोई डांस पार्टी में ना लेकर जाए| और उन्हें बताएं कि यह उनकी गलती की सजा है। इससे उन्हें अपनी गलती का एहसास होगा परंतु अगर आपके बच्चे पर इसका कोई असर नहीं पड़ रहा है तो आप अपनी प्लान को बदलें।

5. अपने बच्चों को माफी मांगना जरूर सिखाएं

अगर आपके बच्चे खुद चल कर अपने आप माफी मांगते हैं| तो सामने वाला उसे जरूर माफ कर देगा। जैसे कि आपका बच्चा पड़ोस में किसी बच्चे को कोई नुकसान पहुंचाता है |या फिर उसकी कोई चीज ले लेता है| तो आप उसे लेकर जाए और उसे उस बच्चे से माफी मांगने को कहें।

इससे आपके बच्चे को अपनी गलती का एहसास होगा। आप चाहे तो उस बच्चे के नुकसान की भरपाई अपने बच्चों को करने के लिए कहे जैसे कि अगर उस बच्चे का खिलौना टूट गया है, तो आप अपने बच्चे को अपना खिलौना उसे देने के लिए कहे।

जब आपका बच्चा खुद चल कर माफी मांगता है तो उसके लिए यह बहुत Unpleasant अनुभव होगा जो उसे बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगेगा लगेगा। यह चीज़ उन्हें आगे चलकर बहुत मदद करेगी जिसमें चाहे उनकी गलती छोटी हो या बड़ी लेकिन वे माफी मांगने में  होंगे। अगर वे खुद माफी मांगते हैं तो इससे उनका अहंकार भी दूर होगा।

अगर आपका बच्चा बड़ा है तो आप अपने बच्चे को एक लेटर, मेसेज या फ़ोन कॉल के जरिए भी अपने गलत व्यवहार के लिए माफी मांगने को कह सकती हैं।

6. सजा ज्यादा गंभीर ना हो

जब बात बच्चों को सजा देने की आती है तो सबसे पहले बात physical punishment देने की आती है। कुछ माता-पिता की राय यह होती है कि अपने बच्चों पर हाथ नहीं उठाना चाहिए। परंतु पुराने ख्याल के कुछ माता-पिता अपने बच्चों को  डिसिप्लिन रखने के लिए उन पर हाथ उठाना और मारने पीटने पर ही विश्वास रखते हैं।

अगर आप अपने बच्चों को physical punishment देना चाहते हैं तो आप उनके किसी गंभीर अपराध के करने पर ही उन्हें शारीरिक दंड दे। परंतु अगर आप उनकी छोटी-छोटी गलती पर भी उन पर हाथ उठाते हैं तो आपके बच्चे डिसिप्लिन  होने की जगह और बिगड़ जाएंगे और वे आप से नफरत करने लगेंगे।

7. अपने बच्चों को कभी गाली ना दें

आप अपने बच्चों को डांटे ,डांटते समय इस बात का खास ध्यान रखें कि ,आप गलती से भी किसी गाली का प्रयोग ना करें। इससे आपके बच्चों पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ेगा और वह भी गाली गलौज करना सीख जाएंगे।

इससे आपके बच्चों को ही नुकसान होगा। अगर आप अपने बच्चे क डांटते समय गाली-गलौज करेंगे तो, वे खुद को नुकसान पहुंचाएंगे, चीजों को तोड़फोड़ देंगे या वे इस कारण तनाव में भी जा सकते हैं।

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