कई लोग बाइसेक्सुअल शब्द का इस्तेमाल उन लोगों के लिए करते हैं जो पुरुष व महिलाओं को मानसिक व शारीरिक तौर पर पाना चाहते हैं। पर सही मायने में बाइसेक्सुअल शब्द का प्रयोग उन लोगों के लिए किआ जाता है जो पुरुष व महिलाओं दोनों से ही मानसिक , शारीरिक और रोमांटिक सम्बन्ध बनाने की इच्छा रखते हैं।

ये हैं बाईसेक्सुअलिटी के बारे में कुछ ज़रूरी बातें – 

1 ) गे लेस्बियन से अलग 

अक्सर लोग बाईसेक्सुअल लोगों को गे और लेस्बियन समझते हैं पर ऐसा नहीं है। गे और लेस्बियन वो होते हैं जो अपने ही जैसे लिंग वाले लोगों की तरफ आकर्षित होते हैं पर बाइसेक्सुअल वो होते हैं जो अपने ही जैसे और दूसरे दोनों लिंग की तरफ आकर्षित होते हैं।

2 ) बाइसेक्सुअल और ट्रांसजेंडर में अंतर 

ट्रांसजेंडर और बाइसेक्सुअल लोग एक नहीं होते , ट्रांसजेंडर थर्ड जेंडर को बोलते हैं। ऐसे लोग जो जन्म के वक्त एक लिंग के होते हैं पर बाद में उन्हें पता चलता है की वो दूसरे लिंग के हैं। जबकि बाइसेक्सुअल लोग एक ही समय पर दोनों लिंगो से आकर्षित हो सकते हैं।

3 ) बाईसेक्सुअलिटी कोई बीमारी नहीं 

कई लोगों को यह ब्रह्म होता है की बाईसेक्सुअलिटी एक बीमारी है जबकि ऐसा नहीं है। यह एक दम नार्मल है और ये लोग भी सामान्य ही होते हैं बस इनका इंटरेस्ट एक लिंग से जयदा लिंगो में होता है।

4 ) हर किसी से नहीं होते अट्रैक्ट 

जिस तरह हेट्रोसेक्सुअल लोग दूसरे लिंग के हर इंसान से अट्रैक्ट नहीं होते वैसे ही बाइसेक्सुअल लोग भी सबसे अट्रैक्ट नहीं होते।

5 ) लिंग नहीं बल्कि पर्सनालिटी को महत्त्व देते हैं

कई बड़े फेमस लोगों ने यह अपनाया है की वे बाइसेक्सुअल हैं और वे लिंग देखकर नहीं बल्कि इंसान की पर्सनालिटी देख कर आकर्षित होते हैं। आकर्षण सेक्सुअल, इमोशनल या फिर रोमांटिक हो सकता है। ये थी बाईसेक्सुअलिटी के बारे में कुछ ज़रूरी बातें 

 

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