भारत में आज भी बर्थ कंट्रोल पिल्स का इस्तेमाल कई महिलायें करती हैं। बर्थ कंट्रोल पिल्स जिन्हें हम गर्भनिरोधक भी कहते है ,अनचाही प्रेगनेंसी को रोकने के लिए होती है। अगर इन गोलियों का सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो ये बेहद असरदार होती हैं। लेकिन यह पिल्स सिर्फ प्रेगनेंसी को रोक सकती हैं Sexually transmitted disease (STI) को नहीं।(Contraceptive pill side-effects in Hindi)

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अनवांटेड प्रेगनेंसी से बचने के लिए regularly गर्भनिरोधक गोलियां इस्तेमाल करने के कई साइड -इफेक्ट्स भी हैं। इसलिए इन गोलियों का नियमित तौर पर इस्तेमाल करने से पहले इससे होने वाले साइड -इफेक्ट्स के बारे में जान ले।

गर्भनिरोधक गोली के साइड – इफेक्ट्स (Contraceptive pill side-effects in Hindi )

सेक्स करने की इच्छा में कमी :

गर्भनिरोधक गोली में मौजूद हॉर्मोन्स की वजह से कई महिलाओं में सेक्स ड्राइव या लिबिडो में कमी देखने को मिलती है। हालांकि ये प्रॉब्लम सबके साथ हो ,ऐसा ज़रूरी नहीं। लेकिन अगर ये प्रॉब्लम आपको लम्बे टाइम तक हो रही है और सेक्स करने की इच्छा में कमी आपको परेशान कर रही हो तो मेडिकल हेल्प लेना ज़रूरी हैं।

पीरियड्स मिस हो सकते है :

कई बार नियमित तौर पर गोली खाने के बावजूद आपको पीरियड्स नहीं आते और आपके पीरियड्स मिस हो जाते हैं। जिस वजह से तनाव ,हॉर्मोनल इर्रेगुलरिटी, थाइरॉयड आदि जैसी कई तरह की बीमारी हो सकती हैं। अगर गोलियां लेने के बाद भी पीरियड्स न आये तो एक बार प्रेगनेंसी टेस्ट कर लेना ठीक रहता हैं।

वज़न बढ़ना :

क्लीनिकल स्टडीज के मुताबिक़ बर्थ कंट्रोल पिल्स का इस्तेमाल और वज़न बढ़ने का आपस में कनेक्शन माना गया हैं। कई रिसर्च में ये बात निकल कर आयी है कि अगर 6 से 12 महीने तक सिर्फ प्रोजेस्टिन वाली गर्भनिरोधक गोली का सेवन किया जाए तो 2 किलो तक वजन बढ़ सकता है।

जी मिचलाना या उल्टी आना :

बहुत सी औरतें जब पहली बार गर्भनिरोधक गोलियां लेना शुरू करती हैं तो उन्हें जी मिचलाने की समस्या होती है। हालांकि यह प्रॉब्लम कुछ समय बाद धीरे-धीरे ठीक हो जाती है। यदि आप गर्भनिरोधक गोली खाली पेट खाने के बजाए ,खाने के साथ रात में सोने से पहले ले तो जी मिचलाने ये उल्टी की प्रॉब्लम दूर हो सकती हैं। अगर लम्बे समय तक ये दिक्कत ठीक न हो तो डॉक्टर को दिखाए।

सिर दर्द :

गर्भनिरोधक गोलियों में मौजूद हॉर्मोन्स सिरदर्द और माइग्रेन को बढ़ा सकते हैं। आपको बता दे कि, ये गर्भनिरोधक गोलियां अलग-अलग टाइप और डोज की होती हैं इसलिए अगर कम डोज वाली गोली ली जाए तो सिरदर्द कम हो सकता है। इसके भी लक्षण वक़्त के साथ कम होने लगते हैं। लेकिन अगर गोली लेते ही आपको तेज़ सिरदर्द होने लगे तो डॉक्टर की मदद लें।

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