आजकल सभी के मन में बस एक ही सवाल है कि क्या कोविद अभी भी सीरियस है ? क्या हमें बाहर जाना चाहिए ? क्या हमें बाहर का खाना चाहिए ? ये सवाल एक साल से ज्यादा घरों में बंद रहने के बाद दिमाग में आना आम बात है। लेकिन हम आपको बता दें कि कोरोना कोई मज़ाक नहीं है और अभी भी वो हमारे सर पर ही डेरा डालकर बैठा है। इसलिए बेहतर यही है कि हम घरों में रहें और बेफिज़ूल में बाहर न जाएं। इस मुश्किल वक़्त में जरुरी है कि हम खुद का और अपनों का ख्याल रखें।

1. कोरोना ने क्या नुकसान किया है ? कोरोना ने लाखों ज़िंदगियाँ छीन ली हैं

कोरोना महामारी ने कई हस्ते खेलते परिवारों को तोडा है किसी के घर का एक लौता कमाने वाले इंसान कभी कोरोना की चपेट में आया है तो कभी बच्चों के सर से माँ बाप का साया हटा है। कोरोना के चलते हमने सीखा है कि हेल्थ और सेहत से ऊपर कुछ भी कुछ नहीं होता है। सब कुछ वापस पाया जा सकता है लेकिन एक बार जान जाए तो वापस नहीं आती है।

2. घर के अंदर स्ट्रांग कैसे बनें ?

अब हमें जरुरत है घरों के अंदर रहकर स्ट्रांग बनने की अपनी बॉडी की इम्युनिटी मजबूत रखने की। कोरोना से लड़ने के लिए हमें अपने अंदर की इम्युनिटी को स्ट्रांग बनाने की बहुत जरूरत है। इम्युनिटी को बढ़ाने के लिए फल व हरी सब्जियां भोजन में शामिल करें, काढ़ा पिलाएं, योग करवाएं, गरम पानी पिने की आदत डालें।

3. बाहर जाने से पहले सोचें क्या बाहर जाना सच में इतना जरुरी है

कोरोना से अपनों को बचाने का सबसे अच्छा तरीका यही है कि उन्हें घर पर ही रहने दे क्योंकि आपके घर से सुरक्षित जगह कोई नहीं हो सकती है। घर के छोटे मोटे काम जैसे कि किराना लाना, सब्जी लाना, दूध लाना, दवाइयाँ लाना यह सब काम अगर हो सके तो आप खुद ही कर लें और अवॉयड करें जब तक ज्यादा जरुरी न हो।

4. हमें मिलकर लड़ना है कोरोना को हराना है

कोरोना को हम सब मिलकर ही हरा सकते हैं। हम जितना अपने आपको सुरक्षित और बचाकर रखेंगे उतनी ही जल्दी केसेस कण्ट्रोल में होंगे और हमें घरों से बाहर स्वतंत्रता से घूमने का मौका मिल पाएगा। इसलिए हार न माने टेंशन न लें और लड़ते रहें।

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