जब यह सब ख़त्म हो जाएगा, जब सभी मृतकों को श्रद्धांजलि दे दी जाएगी और जो ज़िंदा बच गए, वह अपने आप को एक बार फिर खड़ा करने में जुट जाएंगे, अब हमें छोटी-छोटी चीज़ों का आनंद लेना शुरू करना चाहिए। ऐसी छोटी-छोटी चीज़ें, जो हम एक साल पहले तक टेकन-फ़ॉर-ग्रांटेड लिया करते थे।

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लेकिन अब, ज़िंदगी रुकी-सी हुई है। डर इस बात का, की हमारे किसी चहीते को कुछ ना हो जाए। डर इस बात का, कि कहीं हमें ही कुछ ना हो जाए। डर इस बात का, कि अगला साल कैसा होगा और तब तक हालात कैसे होंगे।

ऐसी बहुत सी छोटी-छोटी चीज़ें हैं जो हम एक साल पहले तक टेकन-फ़ॉर-ग्रांटेड लिया करते थे।

लेकिन अब, जब हमनें अपने आप को तब तक आइसोलेशन में डाल लिया है जब तक दुनिया ठीक नहीं हो जाती, जब तक यह महामारी धीरे-धीरे मर नहीं जाती, यह उन तमाम चीज़ों के बीच कुछ ऐसी सात चीज़ें हैं जो सबसे ज़्यादा याद आतीं हैं, और जिन चीज़ों को हमें अब कभी भी टेकन-फ़ॉर-ग्रांटेड नहीं लेना चाहिए:

1. एक वॉक के लिए जाना या थोड़ी देर भागने के लिए जाना। फिर चाहे वह सब्ज़ियां लेने ही क्यों ना हो। बस घर से बाहर निकलना।

2. लोगों को मिलते समय उन्हें हग करना। कई लोगों के लिए यह आदत छोड़ना काफी मुश्किल हुआ होगा।

3. अपनी फैमिली के साथ खाना खाने रेस्टोरेंट में जाना। यह पल बेहद कीमती होते हैं।

4. किसी दोस्त से मिलना या उसके घर जाना, यूँ ही बातें करने के लिए।

5. बार-बार हाथ धोना या सेनिटाइज़ करना। बल्कि सिर्फ तभी हाथ धोना, जब खाना खाने वाले हों या किसी बच्चे को पकड़ना हो।

6. एक भीड़ वाली मार्किट में चलना, और वहां बार्गेनिंग करना।

7. एक वेकेशन लेना। अपनी उसी रोज़मर्रा की ज़िंदगी से दूर, खुली हवा में वक़्त बिताना।

यह तो थी हमारी लिस्ट। आपकी लिस्ट में ऐसी क्या-क्या चीज़ें हैं? कीजिये हमसे शेयर!

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