दीना पाठक ( Dina Pathak), जिन्होंने पर्दे पर सख्त मां से लेकर प्यारी दादी तक कई किरदार निभाकर दर्शकों के दिल जीते हैं। वह फिल्मों में अपनी बेहतरीन एक्टिंग और बारीकियों के लिए जानी जाती थीं। दीना पाठक का नाम बॉलीवुड की उन अभिनेत्रियों में शामिल है जिन्होंने अपने अभिनय से दर्शकों को भावुक भी किया और उनका दिल भी जीता। Dina Pathak kaun hai

जानिए , दीना पाठक से जुड़ी ये 10 बातें :

  • दीना पाठक का जन्म 4 मार्च 1922 को गुजरात के अमरेली में हुआ था।
  • वह एक एक्टिविस्ट और National Federation of Indian Women (NFIW) की प्रेसिडेंट भी रह चुकी थीं।
  • वह हिंदी फिल्म गोलमाल और खुबसूरत फिल्मों में अपनी यादगार भूमिकाओं के लिए जानी जाती हैं, इसके अलावा कोशीश, उमराव जान, मिर्च मसाला, और मोहन जोशी हाज़िर हो जैसी फिल्मों में उन्होंने सशक्त भूमिकाएँ निभाई हैं।
  • दीना पाठक स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान काफी सक्रिय थीं। एक समय ऐसा आया था जब उन्हें मुंबई के सेंट जेवियर्स कॉलेज से निष्कासित कर दिया गया था।
  • दीना पाठक ने 1948 में गुजराती फिल्म करियावर (Kariyawar) से अपने फ़िल्मी करियर की शुरुवात की। वह अन्य फिल्मों ,सत्यकाम (1969), सात हिंदुस्तानी (1969), द गुरु (1969) में भी नजर आईं थी।
  • फिल्म ‘परदेस’ में उन्होंने महिला चौधरी की दादी का किरदार निभाया जिसे दर्शकों का खूब प्यार मिला।
  • उनकी आखिरी फिल्म पिंजर (2003) थी, लेकिन दिल का दौरा पड़ने और लंबी बीमारी के कारण रिलीज से पहले ही उनकी मृत्यु हो गई थी।
  • दीना पाठक के पति का नाम लदेव पाठक था ,उनकी मुंबई में गेटवे ऑफ़ इंडिया के पास कपड़े की दुकान थी। 52 साल की उम्र में बलदेव का निधन हो गया।
  • पाठक की दो बेटियां हैं- रत्ना पाठक और सुप्रिया पाठक। भारतीय सिनेमा के प्रसिद्ध अभिनेता नसीरुद्दीन शाह और पंकज कपूर उनके दामाद हैं।
  • 11 अक्टूबर 2002 को दिल का दौरा पड़ने से उनकी 80 वर्ष की आयु में बांद्रा, मुंबई में अपनी बेटी के निवास पर निधन हो गया।

Dina Pathak kaun hai

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