सेक्स से होने वाली बिमारियों को कलेक्टिवेली सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिसीसेस (STD) कहा जाता है। महिलाओ में सेक्स से होने वाली बीमारियां ज़्यादा नुकसानदेह होती है। हालांकि ऐसी कुछ बिमारियों का इलाज किया जा सकता है पर अभी भी इस एरिया में बहुत शोध बाकी है। डॉक्टर्स भी यहीं सलाह देते हैं की इन बिमारियों के प्रति जानकारी और सजगता बरतने से ही हमें लाभ है। जानिए 5 ऐसी बिमारियों के बारे में:

1. गोनोरिया

गोनोरिया बैक्टीरियल इन्फेक्शन के वजह से होता है जो सेक्स के दौरान ट्रांसमिट हो जाते हैं। शोध बताते हैं की दुनिया में कम से कम 10 लाख महिलाओं को अभी ये बीमारी है। गोनोरिया के लक्षण है बार-बार यूरिनेशन, वैजिनल एरिया में खुजली और पीला वैजिनल डिस्चार्ज। अगर सही समय पर इसका इलाज नहीं किया जाए तो गोनोरिया का इन्फेक्शन आपकी ओवरीज़ और फैलोपियन ट्यूब्स को बर्बाद कर सकता है। इससे आपको आर्थराइटिस भी हो सकता है। अगर गोनोरिया के कोई भी लक्षण आपको महसूस हो तो जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करे।

2. एचआईवी और एड्स

एचआईवी का इन्फेक्शन आपके इम्यून सिस्टम को कमज़ोर बना देता है और इस कारण आपको बाकी बीमारियां होने का खतरा भी बढ़ जाता है। मुख्य रूप से एचआईवी सेक्स से या सुई शेयर करने से होती है। इसके प्रमुख लक्षण हैं सरदर्द, डायरिया और जोड़ों में दर्द। अगर सही समय पर डिटेक्ट न किया जाए तो इससे कैंसर और डेमेंटिया हो सकता है। आजकल एड्स के बहुत सारे उपचार इस्तेमाल में है। इसलिए अगर आपको इसका खतरा है तो आप तुरंत अपने डॉक्टर से बात कर सकते है।

3. सिफलिस

सिफलिस बहुत पुराना सेक्सुअली ट्रांसमिटेड रोग है। इसकी वजह भी बैक्टीरियल ट्रांसमिशन ही है। इसका ट्रांसमिशन कंडोम के द्वारा भी रोका नहीं जा सकता। आपके शरीर में सिफलिस के पहले लक्षण होंगे अलसर का बनना। अगर अलसर आपके शरीर में बन जाए तो फिर ये सिफलिस काफी संक्रामक हो सकता है। ये अलसर आपके शरीर के किसी भी हिस्से में बन सकता है। इसलिए अगर आपको ऐसे कोई लक्षण दिखें तो अपने डॉक्टर से संपर्क करे।

4. ह्यूमन पेपिलोमा वायरस (HPV)

इस बीमारी के 40 से भी ज़्यादा प्रकार होते हैं। ये हमारे जेनिटल्स और बाकी अंगों में मास्सा बना देते हैं जिनका अगर सही समय पे उपचार ना किया जाए तो वो जानलेवा भी हो सकते हैं। इस बीमारी में सबसे बड़ी दिक्कत यहीं है की इसके जल्दी कोई लक्षण सामने नहीं आते है। इसको डिटेक्ट करने के लिए जो अंतिम उपाय है वो है वायरस के जेनेटिक मटेरियल की सही से आइडेंटिफिकेशन। इससे बचने के लिए ज़रूरी है की आप समय से HPV वैक्सीन ले।

5. चंक्रोइड

ये बीमारी भी बैक्टीरियल ट्रांसमिशन से होती है। ये सबसे पहले आपके वुलवा को अपना शिकार बनती है। चंक्रोइड की शुरुवात एक बुम्प के रूप में होती है जो 10 दिन के अंदर अलसर का रूप ले लेती है। ये अलसर बहुत ही पीड़ादायक होता है। इसकी डायग्नोसिस आसानी से हो सकती है। इसका उपचार भी ओरल दवाइयों से हो सकता है।

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