कोविड की वैक्सीन जब से देश में शुरू हुयी है इससे जुड़े कई सवाल भी सामने आये हैं। प्रेगनेंसी के समय इस वैक्सीन को लेना सही है या नहीं, इसके क्या प्रभाव और इसकी सेफ्टी बहुत बड़ा जिज्ञासा का विषय रहा है। प्रेग्नेंट महिलाओं में वैक्सीन को लेने में ज़्यादा हिचक भी देखी गयी है। इस विषय में चर्चा करने के लिए अब सरकार ने भी बहुत से निर्देश जारी किये है।

एक्सपर्ट्स रिव्यु करेंगे अब वैक्सीन की सेफ्टी को

प्रेग्नेंट और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए कोविड की वैक्सीन सही है या नहीं इसके लिए नेशनल टेक्निकल एडवाइजरी ग्रुप ऑन इम्मुनिसशन (NTAGI) के एक्सपर्ट्स की मीटिंग होगी और उसमें इसकी सुरक्षा पर निर्णय लिया जायेगा। ये फैसला इसलिए ज़रूरी है क्योंकि प्रेग्नेंट महिलओं को कोविड का खतरा ज़्यादा है।

कोविशिएल्ड पर भी होगी चर्चा

एडवाइजरी समिति कविशिएल्ड वैक्सीन के डोज़ के अंतराल पर भी विचार करेगी। ये वैक्सीन सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंडिया ने बनाया है। इसके दोनों डोज़ के अंतराल पर बहुत प्रश्न किये गए है। मार्च में सरकार ने इसके दुसरे डोज़ की सीमा 4-6 हफ्तें से बढ़ाकर 4-8 हफ्तें कर दिया था। इससे हुई असुविधा के कारण लोगों ने इसका विरोध किया था।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने अभी तक नहीं किया है कोविड वैक्सीन प्रेगनेंसी में रिकमेंड

स्वास्थ्य मंत्रालय ने अभी तक प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए कोविड की वैक्सीन को रिकमेंड नहीं किया है। एक सरकारी अफसर ने बताया की बाकी देशों में इस बात की स्तिथि को देखते हुए इस हफ्ते के अंत तक सरकार इस विषय पर फैसला लेगी। हालाँकि प्रेग्नेंट महिलाओं को कोविड की इन्फेक्श का खतरा बाकियों के मुकाबले ज़्यादा है और उनको ऐसे समय में हॉस्पिटल की सुविधाओं की ज़्यादा ज़रूरत पड़ती है, सरकार ने अभी तक उनकें लिए वैक्सीन के ऊपर कोई निर्णय नहीं लिया था।

गयनेकोलॉजिस्ट दे रहे हैं वैक्सीन लेने की राय

फेडरेशन ऑफ़ ओब्स्टेट्रिशन और गयनेकोलॉजिस्ट सोसाइटी ऑफ़ इंडिया ने देश भर में सभी ओब्स्टेट्रिशन, गयनेकोलॉजिस्ट और सभी महिलाओं के स्वास्थ्य सुरक्षा कर्मियों को ये सलाह दी है की सभी प्रेग्नेंट और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को वैक्सीन ज़रूर दी जानी चाहिए ताकि उन्हें भविष्य में कोविड से होने वाले और बड़े खतरे से बचाया जा सके।

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