पहली ‘ऑक्सीजन एक्सप्रेस’ : 18 अप्रैल रविवार को रेलवे ने घोषणा की थी कि वह देश भर में लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन और ऑक्सीजन सिलेंडर के परिवहन के लिए अगले कुछ दिनों में “ऑक्सीजन एक्सप्रेस” चलाएगा।

मध्य रेलवे (CR) ने कहा कि पहला “ऑक्सीजन एक्सप्रेस” सात खाली टैंकरों को विशाखापट्टनम के लिए मुंबई के पास से सोमवार को निकला था, जहां उन्हें महाराष्ट्र में ट्रांपोर्ट करने के लिए लिक्विड ऑक्सीजन से भरा जायेगा।

मध्य रेलवे की एक रिपोर्ट के अनुसार, राज्य की राजधानी मुंबई से लगभग 40 किमी दूर नवी मुंबई में कलंबोली के माल यार्ड से विशाखापट्टनम स्टील प्लांट के लिए सात खाली टैंकरों के साथ रो-रो (रोल-ऑन-रोल-ऑफ) ट्रेन शाम को 8:05 बजे रवाना हुई।

विशाखापट्टनम स्टील प्लांट में, टैंकरों को लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन के साथ भरा जाएगा और महाराष्ट्र में लाया जाएगा, जो गंभीर COVID-19 रोगियों के उपचार के लिए आवश्यक जीवन रक्षक गैस ऑक्सीजन की कमी का सामना कर रहा है, विज्ञप्ति ने कहा।

रेलवे की पहली ‘ऑक्सीजन एक्सप्रेस’

“रेलवे COVID-19 के खिलाफ अपनी लड़ाई में अपनी पहली ऑक्सीजन एक्सप्रेस चला रहा है। 7 खाली टैंकरों वाली रो-रो सेवा आज विजाग के लिए कालांबोली, महाराष्ट्र से रवाना हुई। ऑक्सीजन एक्सप्रेस लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन लोड करने के लिए एक ग्रीन करिडोर से होकर जाएगी।” रेल मंत्री पीयूष गोयल ने ट्वीट किया।

रिपोर्ट में कहा गया है कि सीआर के मुंबई डिवीजन ने 24 घंटे के अंदर कालांबोली माल यार्ड में एक रैंप बनाया गया और फ्लैट वैगनों से टैंकरों को लोड करने और उतारने की सुविधा बनाई।

सूत्रों के मुताबिक, महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री अनिल परब तब मौजूद थे जब ट्रेन आंध्र प्रदेश के पोर्ट शहर के लिए रवाना हुई थी।

अधिकारियों ने कहा कि इस पहल के तहत, खाली टैंकरों को विशाखापट्टनम, जमशेदपुर, राउरकेला और बोकारो से लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन के साथ लोड किया जाएगा और पुरे देश में सप्लाई किया जायेगा। देश में ऑक्सीजन की कमी को दूर करने के लिए।

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