एक शोध के अनुसार हर चार में से एक-एक प्रेगनेंसी का अंत मिसकैरिज से होता है। कई बार मिसकैरिज के वज़ह से महिला की जान को भी ख़तरा हो सकता है। ऐसे भी केसेस सामने आते हैं जहाँ महिलाओं को पता ही नहीं होता है की वह प्रेग्नेंट है और फिर वह मिसकैरी कर जाती हैं। मिसकैरिज एक मेडिकल कंडीशन है जो बहुत आम बात है। रोज़ दुनिया भर में बहुत-सी महिलाएँ मिसकैरिज से गुज़रती हैं। ऐसे हालत में भी इसको ले कर स्टिग्मा ख़तम नहीं हुआ है। जब तक हम मिसकैरिज के प्रति स्टिग्मा ख़तम नहीं करेंगे तब तक इससे उभर रही हर महिला को परेशानियाँ झेलती रेहनी पड़ेगी। जानिए कैसे ख़तम करें मिसकैरिज के प्रति स्टिग्मा को:

1. इसमें छुपाने वाली कोई बात नहीं है

मिसकैरिज बहुत ही कॉमन है और ये किसी के साथ भी हो सकता है। इसलिए इस बात को छुपाने कि कोशिश मत करिए। इसके बारे में खुल कर बात करें और लोगों को इस कंडीशन के बारे में अवगत भी कराएँ। अपनी तकलीफ भी अपने भरोसेमंद लोगों से शेयर करें अपने मैं में कोई बात छुपा कर न रखें।

2. मिसकैरिज को एक्सेप्ट करना सीखें

मिसकैरिज के बाद सबसे ज़रूरी है कि आप इसको एक्सेप्ट करना सीखें। इस बात को भी स्वीकार करें की इसमें आपकी कोई गलती नहीं थी। ख़ुद को दोष देने से आप अपने दिमाग़ और शरीर को सिर्फ़ नुक्सान ही पहुँचाएंगी। इसलिए अपना समय लें और इसको फिगर आउट करने की कोशिश करें और जब भी आपसे हो संभव हो इस बात को एक्सेप्ट कर लें।

3. मनोचिकित्सक की भी सलाह ले सकते है

ऐसा कई बार देखा गया है कि मिसकैरिज एक महिला के दिमाग़ पर बहुत गहरी छाप छोड़ जाता है। इससे उबरने में भी उन्हें बहुत दिखातों का सामना करना पड़ता है। अगर आप ख़ुद से अपने मिसकैरिज की बात को एक्सेप्ट नहीं कर पा रहीं है तो आप किसी मनोचिकित्सक की मदद भी ले सकती है। इससे आपको ज़रूर मदद मिलेगी।

4. लोगों की बातों को इग्नोर करें

समाज में नेगेटिविटी फ़ैलाने वाले बहुत लोग मौजूद हैं। आपके आस पास भी ऐसे लोग होंगे जो आपको आपकी मिसकैरिज को लेकर बहुत कुछ कह दें। ऐसे लोगों से सावधानी बना कर रखें। जहाँ तक हो सके इनकी बातों को इग्नोर करें। हमेशा याद रखें की आपकी फिजिकल और मेन्टल हेल्थ इन लोगों की बेकार की बातों से काफ़ी ज़्यादा इम्पोर्टेन्ट है और आपको बस उस पर फोकस करना है।

5. मिसकैरिज से जूझ रहीं दूसरी महिलाओं से संपर्क करें

आज सोशल मीडिया के ज़माने में किसी के साथ कनेक्टेड रहने में ज़्यादा दिक्कतें नहीं आती है। आप सोशल मीडिया पर ऐसे ग्रुप्स ज्वाइन कर सकती हैं जो मिसकैरिज से जूझ रहीं महिलाओं के लिए काम कर रहा है। जब आप अपनी तकलीफ से ही गुज़र रहीं दूसरी महिलाओं से मिलेंगी तो हो धीरे-धीरे आप सब के दुःख कम हो जायेंगे। आपको इस बात को एक्सेप्ट करने में ज़्यादा दिक्कत नहीं आएगी की मिसकैरिज एक बहुत ही नॉर्मल-सी बात है।

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