How To Handle Work & Family: क्या आपका परिवार आपको जॉब छोड़ने के लिए मजबूर कर रहा है ? ऐसे करें हैंडल

How To Handle Work & Family: क्या आपका परिवार आपको जॉब छोड़ने के लिए मजबूर कर रहा है ? ऐसे करें हैंडल How To Handle Work & Family: क्या आपका परिवार आपको जॉब छोड़ने के लिए मजबूर कर रहा है ? ऐसे करें हैंडल

SheThePeople Team

28 Dec 2021


How To Handle Work & Family: हर किसी के जीवन में जॉब बहुत ही महत्वपूर्ण होती है। यह उनके उज्जवल भविष्य की नींव होती है। अपने पैरों पर खड़े होना, खुद कमाना, घर का बोझ कम करना हर किसी का सपना होता है। यह उनके जीवन की नई शुरुआत की तरह होता है। जॉब उनके ख़्वाबों को पंख देती है। 

How To Handle Work & Family - 


1. शांति से बात रखें

अक्सर हम परिवार से अपनी बात रखते समय गुस्से में बात करने लग जाते है जिससे बात का उल्टा असर पड़ता है। हमारी बात न सुनी जाती है न ही समझी। ऐसे में घर वालों को एक साथ बैठाकर शांती से अपनी बात सुनाए। अपनी बात सुनने के लिए मजबूर करें। आपकी बात को शांति से समझेंगे तभी हल निकलेगा।

2. जॉब छोड़ने के नतीज़े के बारे में बताएं

आज के समय में नौकरी मिलना कितना मुश्किल हो गया है और कितना ज़रूरी इस बात को समझाए। नौकरी सिर्फ़ आपको बिजी नहीं रख रही बल्कि आपको जीवन में आगे बढ़ने में मदद कर रही है। उन्हें इस जॉब की क़ीमत समझाए। आज के इस मुश्किल और मॅहगाई भरे दोर में सिक्योर्ड जॉब कितनी इम्पोर्टेन्ट है यह एक बेरोज़गार व्यक्ति से अच्छा कोई नहीं समझ सकता।

3. अपनी ख़ुशी को ज़ाहिर करें

अपनी पसंदीदा जॉब करके आपको कितनी ख़ुशी मिलती है इस ख़ुशी को अपने परिवार के साथ बाँटिए। जॉब करके आपको जो प्रेणना मिलती है वह अपने घर वालों को बताएं। ऐसा करके आप उन्हें अपनी सच्ची ख़ुशी के बारे में बता रहे है। माता पिता कभी भी अपने बच्चे से उसकी ख़ुशी नहीं छीनते बल्कि उसका साथ देते है।

4. क़रीबी दोस्त से बात करें

हर किसी के जीवन में यह मोड़ आता है जहाँ परिवार उनकी इच्छा के ख़िलाफ़ होता है। उन्होंने कैसे उस सिचुएशन को हैंडल किया होगा इसके बारे में जानिए। वो आपका दोस्त, करीबी, या कोई फेमस व्यक्ति भी हो सकता है। उनसे प्रेरणा लें। उनके आईडिया को इस्तेमाल करें।

5. किसी की सहायता लें

जब परिवार आपकी बात ना सुनें और कठोरता पर जाएं तो किसी की मदद लेने से हिचकिचाए मत। आपको अपनी ज़िन्दगी जीने का पूरा हक़ है। अपनी मर्ज़ी करना ,खुद के लिए जीना, अपनी सेल्फ रेस्पेक्ट बनाए ऱखने में कोई पाप नहीं। आत्मनिर्भर बनना जीवन का एक अंग है।


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