Healthy Boundaries: सुखी जीवन के लिए जरूरी है स्वस्थ सीमाएं, जानें कैसे करें तय

हेल्थी बॉउंड्रीज़ आपके व्यवहार को मॉनिटर करता है और आपके जीवन का हैल्थी स्ट्रक्चर बनाने में हेल्प करता है। बॉउंड्रीज़ सेट करने का अर्थ है आपके लिए क्या सही है और क्या नहीं। जानें अधिक इस ओपिनियन ब्लॉग में -

Vaishali Garg
25 Jan 2023
Healthy Boundaries: सुखी जीवन के लिए जरूरी है स्वस्थ सीमाएं, जानें कैसे करें तय

Healthy Boundaries

Healthy Boundaries: एक रिस्पांसिबल व्यक्ति अपने लिए सही और सटीक व निश्चित निर्धारित बॉउंड्रीज़ का निर्माण करता है। यह आपको सुरक्षित और हैल्थी रखने में मदद करता है। सबको यही लगता है कि पर्सनल बॉउंड्रीज़ का होना अर्थात् दूसरों से किस तरह बात न करना, दूसरों के द्वारा आप को किस तरह ट्रीट होना चाहिए आदि सब होता है। आप को अपने लिए भी बॉउंड्रीज़ सेट करनी चाहिए जरूर चाहिए। 

आपको हेल्थी बॉउंड्रीज़ क्यों सेट करनी चाहिए ?

हेल्थी बॉउंड्रीज़ आपके व्यवहार को मॉनिटर करता है और आपके जीवन का हैल्थी स्ट्रक्चर बनाने में हेल्प करता है। बॉउंड्रीज़ सेट करने का अर्थ है आपके लिए क्या सही है और क्या नहीं। आप यदि खुद की रिस्पेक्ट करते हैं इसलिए यह बॉउंड्रीज़ सेट करते हैं। हर किसी की बॉउंड्रीज़ यूनीक होती है और यह आपकी नीड्स पर भी निर्भर करती है।



Maintain Healthy Boundaries For Yourself 

आप भी अगर आपने लिए सही बाउंड्रीज बनाना चाहते हैं तो हम आपको बताएंगे कि आप किस तरह अपने लिए बॉउंड्रीज़ सेट कर सकते हैं।

1. हर बात के लिए खुदको रेस्पोंसिबल न समझें

जरूरी नहीं है आपके आस पास जो भी हो रहा है उसके लिए आप ही रिस्पोंसिबल हों। खुदको को रिस्पोंसिबल समझना छोड़ दीजिए। आप यदि ऐसा करेंगे तो लोग आपको फॉर ग्रांटेड लेंगे। कहते हैं ना की सबसे पहले अपने आपकी इज्जत करनी चहिए बाद में दूसरों की।

2. सीखें 'नहीं' कहना

कभी-कभी न कहना भी बेहतर होता है। आप उन बातों के लिए न कह सकते हैं जिन्हे आप बिलकुल हीं करना चाहते। यह साबित करता है कि आप अपनी एनर्जी कहाँ लगाना चाहते हैं। आप यह जरूर ध्यान में रखें कि आप न कहते हुए विनम्र जरूर रहें। यदि आपको लगता है कि सामने वाला आपके न कहने से बहुत एफेक्ट होगा, तो आप न कहने की वजह आप चाहे तो समझा सकते हैं।

3. खुलके कम्यूनिकेट करें

खुलकर बात करना न केवल दो लोगों के बीच का कनफ्लिक्ट सोल्व करता है बल्कि दो लोगों के बीच बॉन्ड भी क्रिएट करता है। यह बताता है की आप सामने वाले के बारे में क्या सोचते हैं। हमेशा खुलकर बात करने से कन्फ्यूजन भी क्रिएट नहीं होती हैं।

4. निश्चयात्मक बनें

निश्चयात्मक होना आपके नेचर को शो करता है। जहाँ भी हो निश्चयात्मक सोच रखें। अपने आपको पोलाइट रखें जब भी किसी बात को इंकार करें। एक बात हमेशा ध्यान रखें अपने लिए सोचना, अपने लिए निर्णय लेना आपको गलत नहीं बनाता है 

5. प्लीज कहना छोड़ें

जरूरी नहीं आप और आपकी बातें हर किसी को पसंद हों। इसलिए आप अपनी बातों पर टिके रहें और जिसको आपकी बातें पसंद नहीं हों उन्हें जाने दें। जरूरी नहीं कि हमेशा आप प्लीज कहें हो सकता है कि कई बार आपकी गलती ना हो।

हेल्थी बाउंड्री की जरूरत हर रिश्ते को होती है फिर चाहे वह आपके पार्टनर के साथ,  आपके ऑफिस के लोगों के साथ हो, स्कूल में हो, कॉलेज में हो या फिर आपके खुद के साथ हो।

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