कोट्टाकल, केरला में रहने वाली पांचवें सेमेस्टर बीए अंग्रेजी की छात्रा नमिता नारायण ऑनलाइन क्लासेस, जो सोमवार से शुरू हुई, लेने के लिए बेहतर इंटरनेट कनेक्टिविटी ढूंढ रही थी। पर इंटरनेट ना मिलने पर वो अपने घर की छत पे पढ़ाई करने के लिए चढ़ गयी। उसके इस डेडिकेशन को देखते हुए, गुरुवार को, एक प्राइवेट सर्विस प्रोवाइडर के लोग, अरीकला में उसके घर आए और यह पक्का किया कि उसे हाई-स्पीड इंटरनेट मिले।

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केरल की ये लड़की, सभी बाधाओं को तोड़ते हुए, अपनी डेडिकेशन के लिए पूरे सप्ताह इंटरनेट पे छायी रही। छाता लेकर घंटों छत पर बैठी उसकी तस्वीरें वायरल हो रही है।

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द हिंदू के अनुसार, नमिता को केवल छत पर ही ठीक से सिग्नल मिल सकते थे । बाद में, कंपनी के टेक्निकल स्टाफ उसके घर आए और एक बेहतर इंटरनेट कनेक्शन लगाया। नमिता ने कहा, “मैं खुश हूं कि मैं अब अपने घर की अंदर रहके सीख सकती हूं।” उनकी बड़ी बहन नयना ने भी नेटवर्क ऑपरेटरों के इस पॉजिटिव रिस्पांस की प्रशंसा की और बोलै की कितनी जल्दी उन्होंने इसे पूरा किया।

पॉजिटिव स्पिरिट

यह बताते हुए कि उसने पढ़ाई के लिए छत ही क्यों चुनी, नमिता ने पहले कहा था, “हमने अपने घर में सभी जगहों पे कोशिश की. और अंत में, मुझे हमारे दो-मंजिला घर के ऊपर ही काफी अच्छी सिग्नल मिला। ” वह केएमसीटी आर्ट्स एंड साइंस कॉलेज, कुट्टिपुरम की छात्रा हैं।

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ऑनलाइन क्लासेस सोमवार से शुरू हुईं। जब सोमवार और मंगलवार को मौसम खराब था, तो उसने एक छतरी का इस्तेमाल किया। “बारिश कोई इशू नहीं है, लेकिन थंडर और बिजली है। मेरी तरह ही कई बच्चे हैं जिनके पास अच्छी कनेक्टिविटी नहीं है।”नमिता ने कहा। उसके पिता के.सी. नारायणन कुट्टी, कोट्टक्कल आर्य वैद्य सला में एक कर्मचारी हैं, और माँ एम. जीजा, GMLP स्कूल, मलप्पुरम में एक शिक्षक के रूप में काम करती हैं। उनके अनुसार, नमिता ने पहली मंजिल की छत से ऊपर की छत पर चढ़ने के लिए लोहे की सीढ़ी का इस्तेमाल किया।

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