चंद्र चक्र में आने वाली सबसे अंधेरी रात को शिवरात्रि कहते हैं। इस दिन घर में सुबह से ही पूजा पाठ का माहौल रहता है ऐसा माना जाता है कि आज के दिन ही शिव जी की पारवती जी से शादी हुई थी। महाशिवरात्रि शिव और शक्ति के मिलन की रात होती है। शास्त्रों में कहा गया है कि शिवरात्रि की रात को आध्यात्मिक शक्तियां जागती हैं इसलिए इस रात को ध्यान, तप और शिव कि आराधना के लिए खास माना जाता है। ऐसे माना गया है कि जो भी यह योग साधना करता है उसके जीवन से सभी प्रकार के तनाव ख़त्म हो जाते हैं। महाशिवरात्रि पर इस तरह करें योग साधना और दूर करें सारे तनाव –

इस उम्र के लोग करें साधना

कोई भी व्यक्ति जिसकी उम्र आठ साल से ज्यादा होती है वो साधना कर सकता है। महाशिवरात्रि की रात आराधना करने से व्यक्ति के शरीर में ऊर्जा का स्तर बढ़ता है। शिव की साधना करना सबसे शक्तिशाली प्रक्रिया मानी जाती है।

क्या होता है साधना से ?

साधना करने से आपका स्वास्थ्य अच्छा होता है और आप के अंदर संतुलन आ जाता है। शिव की आराधना करने से आपकी ऊर्जा ग्रहण करने की क्षमता बढ़ जाती है। इस से कई नईं संभावनाओं के द्वार खुल जाते हैं। यह उन लोगों के लिए बहुत लाभदायक होता है जो उनके जीवन में परेशान हैं और उन्हें दसों दिशाएं बंद दिख रहीं हैं।

शिवरात्रि पर कैसे करें योग साधना ?

साधना करने के लिए सबसे पहले एक अच्छे शांत बिना किसी आवाज वाले स्थान को चुनें। अगर आप को ऐसा कोई स्थान नहीं मिल रहा है तो आप आपके कमरे में ही शिव का मंत्र या कोई संगीत लगा लें। इस में एक बात का ध्यान रखना जरुरी है कि शिव साधना सारी रात की जाती है और बीच में अधूरी नहीं छोड़ी जाती।

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