मैटरनिटी लीव (maternity leave) क्या है ?

जो महिलाएं किसी रजिस्टर्ड आर्गेनाईजेशन में जॉब करती हैं ,और प्रेग्नेंट हो जाती हैं तोह उन्हें कुछ समय की लीव दी जाती है। जिसमे उनको सैलरी भी मिलती है। आप प्राइवेट और गवर्नमैंट दोनों ही कंपनी में मैटरनिटी लीव का लाभ ले सकती हैं।

लीव लेने की क्या शर्तें हैं ?

आप गवर्नमेंट कंपनी में आसानी से लीव ले सकते हैं उसमे कोई कंडीशन नहीं होती। लेकिन प्राइवेट कंपनी में लीव लेने के लिए आपको उस कंपनी में १ साल से ज्यादा काम करना होना चाहिए , आपकी कंपनी में 10 से ज्यादा लोग काम करते हों और कंपनी गवर्नमेंट द्वारा रजिस्टर्ड हो।

कितनी लीव ले सकती हैं आप ?

साल २०१६ तक महिलाओं को कुल 12 हफ़्तों की लीव मिलती थी। लेकिन बाद में यह बड़ा के 26 वीक्स का करदिया गया। अब महिलाएं लगभग 6 महीने की लीव ले सकती हैं और उनकी नौकरी भी नहीं जाएगी और न उनकी सैलरी कटेगी। आप चाहें तोह ३ महीने डिलीवरी से पहले लेलें और ३ महीने डिलीवरी के बाद।

मैटरनिटी लीव कैसे लें ?

आप मैटरनिटी लीव का एप्लीकेशन फॉर्म लेकर या अपने आप से एक एप्लीकेशन लिखकर डिटेल्स भरकर अपनी कंपनी के मैनेजर या बॉस को दे सकती हैं। आपको उसके साथ अपनी मेडिकल रिपोर्ट्स भी लगाना ज़रूरी हैं। आप किसी भी हॉस्पिटल से अपनी प्रेगनेंसी का प्रूफ ले सकती हैं।

मिसकैरेज के दौरान कितनी लीव ?

यदि किसी कारण की वजह से किसी महिला का मिसकैरेज होता है या उसे मेडिकल टर्मिनेशन करना पड़ता है तोह उसे 6 हफ़्तों की पेड मैटरनिटी लीव दी जाएगी।

अडोप्टिव मदर और कमीशनिंग मदर के लिए कितनी लीव ?

जो महिला किसी बच्चे को अडॉप्ट करती है जिसकी उम्र 3 महीने से कम है तो उस महिला को भी 3 महीने की मैटरनिटी लीव लेने का धिकार है। साथ ही जो महिला सरोगेसी के माध्यम से अडॉप्ट करती है उसे भी ३ महीने की लीव मिलती है।

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