एक दिन 26 साल की सिल्वी कालरा दिल्ली की सड़कों से कहीं जा रही थी जब उन्होंने कुछ घर में काम करने वाली महिलाओं को इस बारे में बात करते हुए सुना कि कैसे उन्हें व उनकी बेटियों को आस पड़ोस में रहने वाले लड़कों व मर्दों द्वारा छेड़ा जाता है। कालरा को सिर्फ इनकी परेशानी ही समझ नहीं आई, लेकिन उनकी लाचारी भी।

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जल्द ही उसने एक तरीका निकाल लिया जिससे कि ऐसी महिलाओं की मदद हो सके व यह महिलाएं जब एक घर से दूसरे घर काम करने जाऐं तो वह सुरक्षित रहें।

कालरा, जो कि एक जर्नलिस्ट, कम्युनिकेशन प्रोफेशनल व कार्यकरता हैं, उन्होंने कुछ दिनों पहले ही ट्रेनीज बुलाकर अपनी पहली क्लासेस का आयोजन किया। उन महिलाओं को लाने के लिए उन्हें काफी मनाना पड़ा ताकि उनकी बेटियाँ भी सैल्फ डिफेंस सीख सकें। यह युवा जर्नलिस्ट एक बड़े लक्ष्य की ओर छोटे-छोटे कदम बढ़ा रहीं हैं। उन्होंने अपने जिम ट्रेनर को मनाया है कि वह कुछ क्लासेस ले लें।

कालरा चाहती हैं कि वह और महिलाओं व सिखाने वाले लोगों से जुड़कर इस पहल को और आगे बढ़ाएं। शीदपीपल टीवी के साथ एक इंटरव्यू में कालरा ने इसी पहल के बारे में बातचीत की। आइए जानते हैं उनके द्वारा कही गईं कुछ मुख्य बातें:

1. मेरा लक्ष्य यही है कि घर में काम करने वाली महिलाएं, उनकी बेटियां, व ऐसी महिलाएं जो गरीब घर से आती हैं, उन्हें फ्री में सेल्फ डिफेंस सिखाई जाए। इसकी वजह से वह खुद अपने आप की रक्षक बन पाऐंगी।

जब मैं रात को अपने ऑफिस से वापस आती थी तब मैं अपने ऑफिस के वाहन में आते हुए भी डरती थी-तो इन लोगों का क्या? ना तो यह पैसों से ज्यादा स्थिर है, ना ही इनका परिवार इतना सहयोग करता है। ऐसे में यह भी जरूरी है कि यह सेल्फ डिफेंस सीखें।

3. मैं इनके लिए और भी बहुत कुछ करना चाहती हूँ, लेकिन मेरे पास पैसे कम है। अभी भी जितना भी खर्चा है, वह मैं अपनी सेविंग्स से ही दे रही हूँ।

4. मेरे लिए सबसे मुश्किल काम था ट्रेनर को मनाना कि वह फ्री में क्लासेस दें या फिर बेहद कम रेट पर इन महिलाओं को सैल्फ डिफेंस सिखाएं।

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