Menstrual Hygiene Myth: पीरियड्स में हाइजीन से रिलेटेड कुछ ऐसे मिथ, जिनको जानना और तोड़ना है जरुरी

Menstrual Hygiene Myth: पीरियड्स में हाइजीन से रिलेटेड कुछ ऐसे मिथ, जिनको जानना और तोड़ना है जरुरी Menstrual Hygiene Myth: पीरियड्स में हाइजीन से रिलेटेड कुछ ऐसे मिथ, जिनको जानना और तोड़ना है जरुरी

SheThePeople Team

19 Oct 2021


Menstrual Hygiene Myth: मेंस्ट्रुअल साइकिल एक फिजिकल प्रोसेस है जो महिलाओं के शरीर में होती है, और फिर समाज कि अलग अलग सोच से हम कई मिथकों के शिकार हो जाते हैं। आईये जाने कुछ मिथकों और उनके जुड़ी असली सच्चाई के बारें में जिनका टूटना जरुरी है। 

Menstrual Hygiene Myth: पीरियड्स में हाइजीन से रिलेटेड कुछ मिथ


1. टैम्पॉन इस्तेमाल करने से विर्जिनिटी खत्म हो जाती है

यह एक चौंकाने वाला मिथक है जो कई लोगों के लिए सच है। यह लोगों को टैम्पोन का न करने के लिए प्रेरित करता है। लोगों का मानना है कि टैम्पॉन का इस्तेमाल, कुंवारी लड़कियों के हाइमन को तोड़ सकता है। हालांकि यह सच है कि हाइमन टूटने का मतलब ये नहीं कि लड़की कुंवारी नहीं रही। विर्जिनिटी और हाइमन का आपस में कोई सम्बन्ध नहीं है।

2. पीरियड्स में एक्सरसाइज करने से यूट्रस को नुक्सान होता है 

एक मिथक के अनुसार, पीरियड्स के दौरान व्यायाम करने से गर्भाशय यानि यूट्रस को नुकसान हो सकता है, या तेज़ी से एक्सरसाइज करने से बांझपन हो सकता है। लेकिन ऐसा तब तक नहीं है जब तक आप घायल या बीमार न हों, क्योंकि व्यायाम के कई फायदे हैं। पीरियड्स में ऐंठन के लक्षणों में सुधार के संबंध में, व्यायाम ऐंठन को दूर करने, दर्द से आराम दिलाने में और थकान को कम करने में मदद कर सकता है। कसरत को लंबा या तीव्र होने की आवश्यकता नहीं है; इसके बजाय, यह एक तरह का व्यायाम है जो आपको खुश रखता है।

3. पीरियड्स शुरू और ख़त्म होने कि एक निर्धारित उम्र है 

ज्यादातर महिलाओं के पीरियड्स लगभग 12 वर्ष की आयु में शुरू होती है। हालांकि, कुछ महिलाओं को इसका अनुभव पहले या कुछ साल बाद हो सकता है। जब आप पहली बार अपनी पीरियड्स का अनुभव करते हैं, तो आप मेनोपॉसल के लक्षणों का शिकार होंगे, जब तक कि मीनोपॉज 45 से 58 वर्ष के बीच नहीं आती। लेकिन, प्रत्येक महिला के पास एक अलग अनुभव हो सकता है, जब वे पहली बार अपना पीरियड्स या मेंसुरेशन शुरू करते हैं, और जब वे मीनोपॉज में प्रवेश करते हैं।

4. पीरियड्स का खून गंदा है 

ज्यादातर लोग यहाँ तक कि महिलाएं भी, जो पीरियड्स के दर्द और खून के थक्कों से गुजरती हैं; उन सब का यही मानना है कि पीरियड्स का खून गंदा होता है। लेकिन ये सिर्फ एक मिथ है और सच्चाई इससे बहुत अलग है। दरअसल, पीरियड्स में निकलने वाले खून और थक्के, महिलाओं के यूट्रस लाइनिंग की टिश्यू और कुछ ब्लड म्यूकस होता है। जो हमारे शरीर से बैक्टीरिया और बाकि सब चीज़ों का मिश्रण बन कर बहार निकल जाता है।





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