मिसकैरेज यानि गर्भ का असमय खत्म हो जाना। ये शारीरिक और मानसिक रूप से एक बेहद दर्दनाक वक्त हो सकता है। जब भी कोई महिला अपनी इच्छा से प्रेगनेंट होती है, वो हर पल आने वाले भविष्य के सपने संजोती है। प्रेगनेंसी सिर्फ महिला ही नहीं, एक कपल के लिए भी बेहद खास होती है। ऐसे में जब किसी भी वजह से ये अपनेआप खत्म हो जाती है, महिला के दिल और दिमाग पर गहरा असर छोड़ जाती है। ऐसे में महिला को साथ, सपोर्ट और सही देखभाल की बहुत जरुरत होती है। आइये जानते हैं मिसकैरेज के सदमें से बाहर निकलनें के टिप्स ।

मिसकैरेज के सदमें से उबरने में मदद कर सकते हैं ये 5 टिप्स (Miscarriage ke sadme se bahar niklne ke tips)

1. खुद को अपनी फीलिंग्स महसूस करने की आजादी दें

मिसकैरेज किसी अपने को खोना है, जो अपने साथ बहुत सारे इमोशंस लेकर आता है। अगर आप इन इमोशंस को अंदर दबाएंगी तो वो आपको और अधिक परेशान करेंगे। मिसकैरेज के साथ दुख तो आता ही है, खुद पर गुस्से और कोसने की फीलिंग भी तेज़ होती है। हम इस लॉस को समझने की कोशिश कर रहे होते हैं और खुद को दोषी ठहरा रहे होते हैं। खुद को इन फीलिंग्स को महसूस करने से ना रोकें। जितना आप रोकेंगी, ये फीलिंग्स उतनी ही तेज़ होंगी। लेकिन ये याद रखें, इन्हें महसूस करते समय खुद को दोषी ना ठहराएं। जो हुआ वो आपके हाथ में नहीं था और अगर होता तो आप अपना बेस्ट जरूर करतीं।

2. दोस्तों से बात करें और दिल हल्का करें

दोस्त हम सभी की जिंदगी का अहम हिस्सा होते हैं। यहां दोस्त से मतलब सिर्फ कॉलेज या ऑफिस के दोस्त नहीं, आपके रिश्तेदारों में से कोई या आपके आस-पड़ोस में रहने वाले कोई जो आपकी बात को समझते हों। उनसे अपने दिल की बात कहें। जब हम किसी दूसरे व्यक्ति को अपने दिल की बात बताते हैं, मन हल्का होता है और चीजों को देखने का एक नया नजरिया मिलता है। (मिसकैरेज के सदमें से बाहर निकलनें के टिप्स)

3. पार्टनर को खुद से दूर ना कर दें

अक्सर मिसकैरेज के बाद महिलाएं अपने पति या पार्टनर को खुद से दूर कर देती हैं। ये संभव है कि अपने पति को देखकर उन्हें अपने बच्चे को खोने की तकलीफ और बढ़ जाती हो। लेकिन ये समझना जरूरी है कि जितनी तकलीफ में आप हैं शायद वो भी उतना ही दुख महसूस कर रहे होंगे। इस मुश्किल वक्त में आप दोनों एक साथ होंगे तो एक-दूसरे को सपोर्ट दे सकेंगे। आखिर जो खोया है वो भी तो आप दोनों का अंश था।

4. सपोर्ट ग्रुप की मदद लें

आजकल ऐसे बहुत से सपोर्ट गुप्स मौजूद हैं जिनमें आपके दुख से ही गुजर रहे अन्य लोग शामिल होते हैं। दोस्त आपकी तकलीफ समझ सकते हैं लेकिन जो इससे खुद गुजरा हो, वो आपका दुख सही ढंग से बाँट सकता है। ये सपोर्ट ग्रुप मेन्टल हेल्थ प्रोफेशनल्स द्वारा चलाये जाते हैं इसीलिए आपको अपने दुख और फीलिंग्स को खुलकर रखने के लिए एक सेफ स्पेस मिलता है।

5. टॉक थेरेपिस्ट से संपर्क करें

टॉक थेरेपी यानि एक मेंटल हेल्थ प्रोफेशनल के साथ आमने-सामने या वीडियो कॉल पर बातचीत करना। यहां आप किसी के जजमेंट की फ़िक्र किये बिना अपने दिल की तकलीफ और मुश्किलें शेयर कर सकती हैं। थेरेपिस्ट आपके मिसकैरेज के सदमें से बाहर निकलनें के टिप्स देंगें और आपको इससे उबरने में आपकी मदद कर सकते हैं। (मिसकैरेज के सदमें से बाहर निकलनें के टिप्स)

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