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सरकार ने जारी किए प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए COVID वैक्सीन के नए गाइडलाइन्स

Published by
Ritika Aastha

केंद्रीय सरकार ने अब प्रेग्नेंट महिलाओं को वैक्सीन देने के लिए नए गाइडलाइन्स जारी किए हैं जिसके तहत उन्होंने ये भी एलान किया है प्रेगनेंसी के कारण वायरस इन्फेक्शन का खतरा बढ़ता नहीं है। स्वास्थ्य मंत्रालय के द्वारा जारी नए गुइडेलिने में ये बात भी सामने आई है की प्रेग्नेंट महिलाओं को जल्दी असिम्पटोमैटिक सिम्पटम्स इन्फेक्ट कर सकते हैं जो काफी जल्दी उनके और उनके फ़ीटस के हेल्थ को बिगाड़ सकता है। इसलिए ये बहुत ज़रूरी है की सभी महिलाएं अपना बचाव करें और वक़्त पर वैक्सीन ले लें। जानिए सारी बातें:

क्या है कोविड वैक्सीन की प्रेग्नेंट महिलाओं के प्रति सेफ्टी?

मंत्रालय ने ये भी बताया है की हर तरह के सही मेडिकेशन की तरह कोविड वैक्सीन भी प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए सेफ है। ये बात भी सामने आई है की हर वैक्सीन की तरह इसके डोज़ के बाद थोड़ा माइल्ड फीवर आना बहुत ही नॉर्मल है। वैक्सीन लेने के बाद आप 1 से 3 दिन तक माइल्ड फीवर और पेन के शिकार हो सकते हैं पर उससे ज़्यादा कुछ सीरियस नहीं होना चाहिए। इसलिए ये वैक्सीन प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए पूरी तरह सेफ है।

क्या है प्रेग्नेंट महिलाओं की कोविड रिकवरी रेट?

मंत्रालय ने ये भी बताया की अगर कोई महिला प्रेगनेंसी के दौरान कोविड पॉजिटिव हो रही हैं तो 90 प्रतिशत केसेस में वो बिना हॉस्पिटल सपोर्ट के ठीक हो जा रही हैं पर कुछ के हेल्थ में बहुत गिरावट देखने को भी मिला है। उन्होंने ये भी बताया है की सबसे ज़्यादा खतरा सिम्पटोमैटिक सिम्पटम्स डेवेलोप करने वाली महिअलों के लिए है।

किन प्रेग्नेंट महिलाओं को है ज़्यादा खतरा?

मंत्रालय ने जारी किए गाइडलाइन्स में ये भी बताया की जिन प्रेग्नेंट महिलाओं की उम्र 35 वर्ष से अधिक है और उन्हें पहले से कोई प्री-एक्सिस्टिंग कंडीशन जैसे डायबिटीज, ब्लड प्रेशर या फिर लिम्बस में क्लॉटिंग की हिस्ट्री है तो उनको कोविड का खतरा ज़्यादा है। अगर किसी महिला को प्रेगनेंसी के दौरान कोविड इन्फेक्शन हो जाए तो तुरंत डिलीवरी के बाद उनका वैक्सीनशन कराना बहुत ज़रूरी है।

क्या हाल है कोविड पॉजिटिव महिलाओं के नवजात बच्चों का?

कोविड पॉजिटिव महिलाओं के नवजात बच्चों को लेकर फैली हुई भ्रांतियों को एड्रेस करते हुए मंत्रालय ने ये भी बताया 95 प्रतिशत कोविड पॉजिटिव महिअलों के बच्चे स्वस्थ हुए हैं। ऐसे भी बहुत कम केसेस ही निकले हैं जहाँ कोविड पॉजिटिव होने के कारण किसी महिला को प्रीमैच्योर बर्थ प्रोसेस से गुज़ारना पड़ा है जिस केस में बेबी का वेट 2.5 किलोग्राम से कम आया है।

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