Virginity Of A Women: क्या कुंवारी होना है शादी के लिए एक अहम शर्त?

Virginity Of A Women: क्या कुंवारी होना है शादी के लिए एक अहम शर्त? Virginity Of A Women: क्या कुंवारी होना है शादी के लिए एक अहम शर्त?

Apurva Dubey

07 Sep 2022

लड़की  के पैदा होने से लेकर वे कैसे कपड़े पहनते हैं, उनका चल-चलन कैसा है और उनको घर का काम आता है या नहीं; क्या यही सब बातें एक महिला की ज़िन्दगी के लिए जरुरी है? समाज के अनुसार, अच्छी महिलाएं बहस नहीं करतीं, अच्छा खाना पकाना जानती हो, मामूली कपड़े पहनती हैं और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि शादी से पहले वह कुंवारी होनी चाहिए। विर्जिनिटी टेस्ट एक पुरातन प्रथा है जिसका बंद हो जाना ही बेहतर है। इसमें महिलाओं का परिक्षण होता है कि क्या वह शादी से पहले कुंवारी हैं या पहले ही किसी के साथ सम्बन्ध बना चुकी हैं। क्या कुंवारी होना है शादी के लिए एक अहम शर्त? 

विर्जिनिटी टेस्ट फैल होने पर ससुराल वालों ने छोड़ा 

हाल ही में राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में वर्जिनिटी टेस्ट में फेल होने के बाद एक नई दुल्हन को उसके ससुराल वालों ने छोड़ दिया था। पंचायत ने दुल्हन और उसके परिवार पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया. पैसे नहीं देने पर महिला व उसके परिवार को ससुराल वालों ने प्रताड़ित किया।

थाना प्रभारी अयूब खान ने बताया कि 24 वर्षीय महिला की शादी 11 मई 2022 को हुई थी. शादी के बाद उसका कौमार्य परीक्षण कराया गया जिसे वह पास नहीं कर पाई. उसने आरोप लगाया कि उसकी शादी से पहले उसके पड़ोस के एक व्यक्ति ने उसके साथ बलात्कार किया था। दुल्हन ने कहा कि मामले पर पंचायत बुलाने से पहले उसके पति और सास ने उसके साथ मारपीट की।

Virginity Of A Women: क्या कुंवारी होना है शादी के लिए एक अहम शर्त? 

पंचायत के दौरान महिला के परिवार ने उन्हें रेप का मामला दर्ज होने की जानकारी दी। हालांकि 31 मई को दोबारा पंचायत बुलाई गई और बच्ची पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। 

महीनों के उत्पीड़न के बाद, दुल्हन और उसके परिवार ने अपने पति, ससुराल वालों और पंचायत के खिलाफ कथित तौर पर भुगतान के लिए उन्हें परेशान करने के लिए पुलिस शिकायत दर्ज कराई। प्राथमिकी में कहा गया है कि एक स्थानीय मंदिर में पंचायत की बैठक से पहले पति और उसके परिवार ने उसके साथ मारपीट की।

उपाधीक्षक सुरेंद्र कुमार ने कहा कि भारतीय दंड संहिता की धारा 498 ए (एक महिला को किसी भी गैरकानूनी मांग को पूरा करने के लिए मजबूर करना), 384 (जबरन वसूली), 509 (एक महिला की विनम्रता का अपमान) और 120 बी (आपराधिक साजिश) के तहत मामला दर्ज किया गया था।

कुमार ने आगे कहा, "खाप पंचायत द्वारा पीड़िता की पहचान उजागर करना भी एक अपराध है।"

क्या है विर्जिनिटी टेस्ट?

कौमार्य परीक्षण यह निर्धारित करने का एक अभ्यास है कि क्या लड़की या महिला कुंवारी है या कभी भी संभोग नहीं किया है या संभोग के अधीन नहीं है। परीक्षण में आम तौर पर एक अक्षुण्ण हाइमन की उपस्थिति के लिए एक जांच शामिल होती है, यह गलत धारणा के आधार पर कि हाइमन केवल संभोग के परिणामस्वरूप फटा जा सकता है।


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