इस कोविड के कारण कई नई तरह के डर्मटोलॉजिकल प्रोब्लेम्स लोगों में देखे जा रहे हैं। कुछ लोगों में हर्पीज़ इन्फेक्शन की री-एक्टिवेशन से लेकर हेयर लॉस तक देखे जा रहे हैं। कई कोविड पेशेंट्स को रिकवरिंग प्रोसेस के दौरान इम्युनिटी में गिरावट के कारण डर्मटोलॉजिकल प्रोब्लेम्स आ रहे हैं। स्किन केयर स्पेशलिस्ट्स ने बताया है की कोरोना वायरस से ठीक होने के बाद भी पेशेंट्स को इंफ्लमैशन की प्रॉब्लम सबसे ज़्यादा हो रही है।

ब्लैक फंगस के कारण हो रही है परेशानी

डॉक्टर्स बताते हैं की कोरोना से रिकवरी के दौरान लोगों में स्किन कॉम्प्लीकेशन्स बढ़ गए हैं। इसके कारण लोगों को लग रहा है की उनमें ब्लैक फंगस और मुकरमाइकोसिस की समस्या हो रही है जिस वजह से वो पैनिक कर रहे हैं। जब की ऐसा नहीं है। सबसे ज़्यादा इस दौरान हर्पीज़ का इन्फेक्शन देखे जा रहा है।

क्या है हर्पीज़ का इन्फेक्शन?

कोविड से ठीक होने के समय में लोगों में हर्पीज़ की समस्या सबसे ज़्यादा देखी जा रही है। कई पेशेंट्स में हर्पीज़ की हिस्ट्री है जो कोरोना के कारण फिर से ट्रिगर हो जाता है। वही कुछ को ये बीमारी फ्रेश्ली हो रही है। ये इन्फेक्शन हर्पीज़ सिम्पलेक्स वायरस 1 और हर्पीज़ सिम्पलेक्स वायरस 2 के वजह से हो रहा है। इस कारण हर्पीज़ लॉबिअलिस के केसेस बढ़ रहे हैं जिसमें हमारे लिप एरिया में प्रोब्लेम्स आ जाते हैं। इसके अलावा हर्पीज़ जोस्टर भी देखने को मिल रहा है जो एक डर्माटोमाल रैश है।

लोगों में बढ़ रहा कैंडिडा इन्फेक्शन

डॉक्टर्स बताते है की पोस्ट कोविड में कैंडिडा इन्फेक्शन भी लोगों में बढ़ गया है। ये एक मोल्ड जैसा इन्फेक्शन है जो अत्याधिक स्टेरॉइड्स और मेडिकेशन के सेवन के कारण हो सकता है। ये इन्फेक्शन हमारे जेनिटल्स के आस पास वाइट पैचेज कर सकता है। कैंडिडा इन्फेक्शन के कारण कैंडिडिआसिस के केसेस भी बढ़ गए हैं।

हेयर लॉस की बढ़ी है समस्या

डॉक्टर्स का मानना है की पोस्ट कोविड टाइम में अगर कोई पेशेंट हेयर लॉस से गुज़र रहा है तो उसे तुरंत डॉक्टर से कंसल्ट करना चाहिए। कुछ लोगों ने कोविड रिकवरी के बाद भारी मात्रा में हेयर फॉल ऑब्ज़र्व किया है। महिलाओं में हेयर लॉस के साथ-साथ माथा में स्पॉट्स भी देखने को मिले हैं। इसके लिए डर्मेटोलॉजिस्ट की सलाह लेनी ज़रूरी है जो आपको सही सीरम प्रेस्क्रिइब कर सके।

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